अनसूया प्रसाद मलासी / रुद्रप्रयाग  दस्तक पहाड न्यूज।  रूद्रप्रयाग जिले में एक विभाग ऐसा भी है जहाँ कर्मचारी अधिकारियों द्वारा किसी भी प्रकार की घूस, रिश्वत लिया जाना माफ है, इसकी शिकायत किसी से भी नहीं की जा सकती है।

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यूँ तो सरकार घूस, रिश्वत लेने देने को दंडनीय अपराध मानती है और इसके लिए तामाम सरकारी, गैर सरकारी विभागीय कार्यालयों में नोटिस बोर्ड लगाकर शिकायत दर्ज करवाने के लिए सक्षम अधिकारी का मोबइल नंबर भी अंकित करवाया जाता है, लेकिन रूद्रप्रयाग जिले में इस सरकारी आदेश की उल्टी गंगा बहती दिखाई दे रही है। यह एक प्रकार से सरकारी आदेशों का माखौल है, इस लापरवाही के जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जानी चाहिए। यह मामला जिला चिकित्सालय रूद्रप्रयाग का है जहाँ विभाग ने घूस, रिश्वत लेने के खिलाफ शिकायती नोटिस बोर्ड तो लगाया लेकिन इसमें किस अधिकारी से शिकायत दर्ज करे उनका मोबइन नंबर कागज लगाकर छुपा दिया गया। अब यदि किसी तीमारदार को घूस, रिश्वत और भ्रष्टाचार की शिकायत करनी होगी तो वह नहीं कर सकता है। बता दे कि जिला चिकित्सालय में समय-समय पर सुविधा शुल्क वसूलने के कई मामले प्रकाश में आते रहते है, जिस पर विभाग की यह गतिविधि संदिग्ध प्रतीत होती है। इससे साफ जाहिर होता है कि विभागीय अधिकारी ही भ्रष्टाचार को पनाह दे रहे है।