हरीश गुसाई  / अगस्त्यमुनि।  दस्तक पहाड न्यूज ब्यूरो। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत निर्मित सौरगढ़-चोपड़ा- भटटगांव - क्यार्क मोटर मार्ग पर ठेकेदार एवं विभागीय लापरवाही के कारण बदहाल बना हुआ है। इस मार्ग पर कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब है कि पहले तीन किमी पर चलने से लग ही नहीं रहा है कि यह मोटर मार्ग है।

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जगह जगह मलबा तो बिखरा ही हुआ है परन्तु नाली निर्माण न होने से मार्ग में गढ़ढ़े तथा नाली बनने से इस पर चलना दूभर हो रहा है। तीव्र ढ़लान एवं मार्ग की दुर्दशा ऐसी है कि यदि आपने भूले से भी ब्रेक लगाया तो वाहन को रपटना ही रपटना है। खासकर दो पहिया वाहन इस मार्ग पर चलाना जान जोखिम में डालना है। इसके बाबजूद अगर इस मार्ग पर दुर्घटना नहीं हुई है तो दो ही कारण हो सकते हैं या तो वाहन चालक बहुत ही एक्सपर्ट हैं या इस पर चलने वाले दुर्घटना को सामान्य घटना मान लेते हैं। क्योंकि अभी तक दुर्घटना में कोई जान नहीं गई है। हो सकता हो ठेकेदार एवं विभाग इसी का इन्तजार कर रहे हों। अभी कुछ माह पूर्व इसी मार्ग का एक वीडियो खूब वायरल हुआ था। जिसमें इस मार्ग पर जाने वाले वाहन चालक चढ़ने व उतरने के लिए गाड़ी रिवर्स में ले जा रहे थे। कई वाहन यहां पर चढ़ते उतरते पलट भी गये थे। इस पर खबर भी बनी थी। परन्तु विभाग एवं ठेकेदार को कोई खास फर्क पड़ता हो, ऐसा दिखा नहीं। जबकि पीएमजीएसवाई योजना के तहत ठेकेदार को सड़क का पांच वर्ष तक रखरखाव करना पड़ता है। सड़क निर्माण होने के एक वर्ष बाद सड़क को मुख्य मार्ग को जोड़ने वाले पुराने पुल को तोड़कर नया पुल का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया गया। नये पुल का निर्माण कार्य केवल दो मजदूरों के हवाले कर ठेकेदार एवं विभाग निश्चिन्त हो गये हैं। जनता भी अब इसे अपनी नियति मानकर चुप हो गई है। पूर्व ग्राम प्रधान ऊषा गुसाईं, पूर्व क्षेपंस दिगम्बर सिंह राणा, ग्रामीण मनवर राणा आदि ने बताया कि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में मानकों को ताक पर रखा। उस समय भी ग्रामीणों ने भारी विरोध किया था, जिस पर ठेकेदार द्वारा आश्वासन दिया गया था। ठेकेदार ने गांव के नजदीकी क्षेत्र में तो फिर भी ठीक ठाक कार्य किया परन्तु सड़क मार्ग के प्रारम्भ में सौरगढ़ से गुनली तक सड़क की दुर्दशा कर दी है। इस चार किमी के क्षेत्र में ठेकेदार द्वारा ब्लेक टॉप करने से पूर्व गिट्टी नहीं बिछाई गई। जिसकी वजह से बिछाया गया डामर मार्ग बनते ही बहने लगा। आज सड़कों पर नाली बन गई है। चार पहिया वाहन चलाने में ही कठिनाई हो रही है तथा दो पहिया वाहन तो रपट रहे हैं। आने वाले दिनों में त्यौहारों के साथ शादी के दिन भी हैं। ऐसे में इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी और मार्ग की दुर्दशा के कारण दुर्घटना की सम्भावना भी बढ़ेगी। ग्रामीणों ने त्यौहारों एवं शादी के सीजन से पूर्व इस मार्ग को ठीक कराने की मांग की है अन्यथा ग्रामीणों को आन्दोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।