अगस्त्यमुनि अस्पताल प्रशासन से आज जनता ने किए तीखे सवाल, कब ठीक होंगी मशीन, कौन लेगा जिम्मेदारी ?
1 min read16/05/2024 2:54 pm
हरीश गुसाई / अगस्त्यमुनि।
दस्तक पहाड न्यूज ब्यूरो। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि की व्यवस्थायें गड़बड़ाने से आम जन मानस को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। अक्सर एक्सरे मशीन खरब रहती है तो कई बार लो वोल्टेज की समस्या के कारण कई कार्य नहीं हो पाते हैं। मजबूरी में मरीजों को 17 किलोमीटर दूर रूद्रप्रयाग जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। जो कि गरीब जनता को भारी पड़ रहा है, और समय के साथ धन भी अधिक लग रहा है। जबकि अधिकारी शीघ्र ही व्यवस्था ठीक कराने की बात कर रहे हैं।
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सीएचसी अगस्त्यमुनि में अभी हाल ही में नई एक्सरे मशीन लगी है परन्तु यह अक्सर खराब होती रहती है। नई मशीन के इतनी जल्दी खराब होने से मशीन की क्वालिटी पर सवालिया निशान भी लग रहे हैं। परन्तु अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। बुद्धवार को नगर के निवर्तमान व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन बिष्ट पांव का एक्सरे कराने अस्पताल पहुँचे तो मशीन खराब होने की बात सामने आई। अस्पताल प्रशासन के जवाब से संतुष्ट न होने पर उन्होंने जब इस बारे में सीएमओ रुद्रप्रयाग को टेलीफोन से समस्या बताई तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए इसे अगस्त्यमुनि हॉस्पिटल के इंचार्ज की जिम्मेदारी बताया। अब सवाल अहम है की जिम्मेदार पद पर बैठा हुआ अधिकारी अपने ही विभाग की समस्या पर अपना पल्ला झाड़ दे तो फिर कैसे हम आपातकालीन परिस्थितियों में उनसे गुहार लगाएंेगे। यह स्थिति तब है जब यात्रा सीजन चल रहा है और पूरे रूद्रप्रयाग जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को एलर्ट मोड पर रखा गया है लेकिन ये विडंबना है कि यात्रा मार्ग के सबसे अहम नगर अगस्त्यमुनि में व्यवस्थायें चौपट हैं।
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सीएचसी की व्यवस्थाओं को लेकर आज व्यापार संघ एवं स्थानीय वरिष्ठ जनों का एक शिष्टमण्डल प्रान्तीय संगठन मंत्री शत्रुघ्न नेगी के नेतृत्व में सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ विशाल वर्मा से मिला। शिष्टमण्डल के सदस्यों ने अवगत कराया कि सीएचसी अगस्त्यमुनि केदारघाटी की एक लाख से अधिक जनसंख्या की लाइफ लाइन है। परन्तु इसकी व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। एक्सरे मशीन अक्सर खराब रहने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है वहीं कई बार लो वोल्टेज के कारण भी समस्या उत्पन्न होती है। जबकि जनवरी माह में केदारनाथ विधायक के साथ हुई बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। तब भी अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन दिया था। जिस पर चिकित्साधीक्षक डॉ वर्मा ने बताया कि एक्सरे मशीन के खराब होने की सूचना मेटनेंश कम्पनी को दे दी गई थी, बुद्धवार को बैटरी की समस्या का समाधान हो गया था परन्तु सॉफ्टवेयर की दिक्कत आने लगी। जिसे आज एक्सपर्ट के आने पर दूर कर दिया जायेगा। शुक्रवार से एक्सरे होने लग जायेंगे। वहीं सीएचसी का लोड बढ़ाने के लिए विद्युत विभाग के पास निधा्ररित शुल्क जमा करा दिया है। आशा ही शीघ्र ही विभाग इस पर कार्यवाही करेगा। उन्होंने बताया कि केदारनाथ विधायक शैला रानी रावत के प्रयास से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि में पिछले कुछ समय से सुविधाओं का इजाफा हुआ है। नये डाक्टरों की तैनाती के साथ अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी यहाँ शुरू हो गई है। कुछ समय से विशेषज्ञ डाक्टर, फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलोजिस्ट, चेस्ट विशेषज्ञ और सर्जन की नियुक्ति होने से आम आदमी को काफी राहत मिल रही है। लेकिन निष्चेतक एवं ऑपरेशन सहायकों के न होने से सर्जन का पूरा लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। शिष्टमण्डल के सदस्यों द्वारा अस्पताल की छोटी मोटी कमियों की ओर भी अधीक्षक का ध्यान आकृष्ट कराया। जैसे ओपीडी में मरीज डॉक्टर को घेरकर खड़े रहते हैं। जिससे मरीज खुलकर अपनी समस्या नहीं बता पाते हैं जिस कारण उनका समुचित इलाज नहीं हो पाता है। ऐसे में ओपीडी के बाहर पीआरडी जवानों की तैनाती की जा सकती है। वहीं अस्पताल में मरीजों को बैठने के लिए बैंचों की संख्या बढ़ाई जाने, चिकित्सकों द्वारा जन औषधि केन्द्र की दवाइयों को पर्ची पर लिखने तथा लैब टेस्ट मशीन बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। शिष्टमण्डल में सांसद प्रतिनिधि श्रीनन्द जमलोकी, विधायक प्रतिनिधि विक्रम नेगी, निवर्तमान सभासद उमा भट्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष त्रिभुवन नेगी, व्यापार संध के पूर्व जिला महामंत्री मोहन रौतेला, पूर्व नगर अध्यक्ष नवीन बिष्ट, हरिहर रावत, विजय बंगरवाल आदि रहे।
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