दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। लोकपर्व इगास बग्वाळ के उल्लासपूर्ण अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) रतूड़ा में पाँच दिवसीय FLN (Foundational Literacy and Numeracy) प्रशिक्षण का समापन ऐतिहासिक वीर-भड़ माधो सिंह भंडारी के झुमैलो के साथ हुआ। यह प्रशिक्षण 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित किया गया, जिसमें जिले के ऊखीमठ, जखोली और अगस्त्यमुनि विकासखण्ड के 64 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने भाग लिया।राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्राथमिक स्तर पर कक्षा 2 तक के विद्यार्थियों को हिंदी और गणित की बुनियादी समझ विकसित कराना अनिवार्य किया गया है। इसी लक्ष्य की प्राप्ति हेतु देशभर में FLN प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इस क्रम में डायट रतूड़ा द्वारा भी शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

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इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निपुण भारत मिशन, शिक्षा में नवाचार, नई शिक्षा नीति 2020, शिक्षा के लक्ष्य, मूल्यों की शिक्षा, पुस्तकालय प्रबंधन, सड़क सुरक्षा, विद्यालय संस्कृति, ICT का प्रयोग, स्वच्छता व स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण (एक पेड़ माँ के नाम) तथा नशा उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन जानकारी दी गई।प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर डायट प्राचार्य सी.पी. रतूड़ी ने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे प्रशिक्षण में सीखे गए सभी बिंदुओं को विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करें। प्रशिक्षक के रूप में डायट प्रवक्ता वी.के. चौधरी, डॉ. वी.के. यादव, ममता रावत, APF के करन सिंह, पूजा दुमागा, टाटा हिमोत्थान के विनय प्रकाश, श्वेता राणा और प्रीति ने सहभागिता की। इन सभी ने बाल मनोविज्ञान पर आधारित गतिविधियों से प्रशिक्षण को जीवंत और रोचक बनाया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने लोकपर्व इगास की पारंपरिक झुमैलो धुनों पर उल्लासपूर्वक झूमते हुए प्रशिक्षण की सफलता का जश्न मनाया।