केदार घाटी में भालू की दहशत से ग्रामीणों में भय, महिला घायल, विद्यालयों पर भी मंडरा रहा खतरा
1 min read13/12/2025 12:47 pm

दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।।
विकासखण्ड अगस्त्यमुनि के ग्राम क्योंजा नवाड़ू तोक में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब गांव की तीन–चार महिलाएं घास लेने के लिए इंटर कॉलेज के नजदीक मंगड़तोली तोक की ओर जा रही थीं। इसी दौरान महिलाओं ने देखा कि एक भालू उनकी ओर बढ़ रहा है। अचानक सामने आए भालू को देखकर महिलाएं घबरा गईं और हल्ला करते हुए जान बचाने के लिए भागने लगीं।भागदौड़ के दौरान गिरीश सिंह नेगी की 35 वर्षीय पत्नी असंतुलित होकर गिर गईं, जिससे उन्हें चोटें आईं। ग्रामीणों की मदद से उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। फिलहाल महिला की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी वीरेंद्र सिंह पवार तथा ग्राम प्रधान मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि ग्रामीणों में वन विभाग की तैयारियों को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली। स्थानीय निवासी हरीश राणा ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में तैनात वन कर्मियों के पास किसी भी प्रकार के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं हैं, केवल पटाखे फोड़कर जंगली जानवरों को भगाने का प्रयास किया जा रहा है, जो नाकाफी है।
Advertisement

Advertisement

ग्रामीणों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि जिस स्थान पर भालू दिखाई दिया, उसके ठीक नीचे राजकीय इंटर कॉलेज, जूनियर हाई स्कूल और प्राथमिक विद्यालय स्थित हैं। ऐसे में स्कूल आने-जाने वाले बच्चों पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। अभिभावकों में भय का माहौल है और वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाल के दिनों में जंगलों में आग लगने (वनाग्नि) की घटनाओं के कारण भालू, जंगली सूअर सहित अन्य वन्य जीव भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में गांवों के नजदीक आ गए हैं। इससे मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में स्थायी गश्त, उचित सुरक्षा उपकरण, चेतावनी बोर्ड, तथा विद्यालयों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था तत्काल की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना को रोका जा सके। साथ ही घायल महिला के बेहतर उपचार और प्रभावित परिवार को सहायता देने की भी मांग की गई है।फिलहाल पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग शाम के समय घरों से निकलने से बच रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन और वन विभाग शीघ्र ठोस कदम उठाएंगे, जिससे गांव और स्कूलों में बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Read Also This:
खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
जो करता है एक लोकतंत्र का निर्माण।
यह है वह वस्तु जो लोकतंत्र को जीवन देती नवीन
केदार घाटी में भालू की दहशत से ग्रामीणों में भय, महिला घायल, विद्यालयों पर भी मंडरा रहा खतरा
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129









