दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। जनपद में संचालित 69 निजी विद्यालयों की मान्यता पर संकट खड़ा हो गया है। कार्यालय मुख्य शिक्षा अधिकारी, रुद्रप्रयाग ने शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए इन विद्यालयों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी मान्यता प्रक्रिया अधूरी है, जिसके चलते वर्तमान में वे मान्यता प्राप्त नहीं माने जाएंगे। शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि संबंधित विद्यालयों ने निर्धारित समयावधि में मान्यता नवीनीकरण अथवा नवीन मान्यता से जुड़े आवश्यक

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दस्तावेज और औपचारिकताएं पूर्ण नहीं की हैं। यदि तय समयसीमा के भीतर मानकों का अनुपालन नहीं किया गया, तो इन विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता निरस्तीकरण, विद्यालय संचालन पर रोक लगाने के साथ-साथ एक लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन अथवा प्रधानाचार्य की होगी। विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों का प्रवेश केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही कराएं। शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि अमान्य विद्यालयों में प्रवेश लेने की स्थिति में भविष्य में होने वाले किसी भी शैक्षणिक नुकसान की जिम्मेदारी अभिभावकों की स्वयं की होगी। जारी सूची में जिले के विभिन्न विकासखंडों में संचालित प्राथमिक, उच्च प्राथमिक तथा कक्षा 1 से 8 तक के कई निजी विद्यालय शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित विद्यालय प्रबंधनों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए मान्यता से जुड़े मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जनपद में गुणवत्ता युक्त, सुरक्षित और नियमानुसार शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। नियमों के उल्लंघन पर किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी और मानकों पर खरे न उतरने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।