दस्तक पहाड़ न्यूज। देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड सरकार ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की सीबीआई जांच कराने की संस्तुति दे दी है। राज्य सरकार की ओर से यह सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी गई है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में कल प्रस्तावित उत्तराखंड बंद को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों, महिला संगठनों और स्थानीय लोगों ने कल उत्तराखंड बंद का आह्वान किया था। बंद को लेकर

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कई जगह विरोध प्रदर्शन, मशाल जुलूस और जनसभाएं भी हुईं, जिनमें सीबीआई जांच और वीआईपी एंगल की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार की भावनाओं और जनभावनाओं का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और मामले की पारदर्शी जांच के लिए सीबीआई जांच की संस्तुति दी गई है। वहीं, बंद के आह्वान को लेकर विभिन्न संगठनों के नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय के लिए जनता की आवाज है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक मामले के सभी पहलुओं, विशेषकर वीआईपी एंगल, की स्वतंत्र जांच नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। अंकिता भंडारी वर्ष 2022 में पौड़ी जिले के वनांतरा रिसॉर्ट में कार्यरत थी, जहां उसकी निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराया जा चुका है, लेकिन परिजन और सामाजिक संगठन शुरू से ही इस केस में प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद कई संगठनों ने इसे उत्तराखंड बंद के दबाव और जनआंदोलन की जीत बताया है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की औपचारिक मंजूरी के बाद ही सीबीआई जांच शुरू हो पाएगी। फिलहाल, पूरे प्रदेश की नजरें केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी हैं, वहीं कल के उत्तराखंड बंद को लेकर प्रशासन भी सतर्क बना हुआ है।