दीपक बेंजवाल / दस्तक पहाड़ न्यूज।। शराब की बढ़ती लत से बर्बाद होती युवा पीढ़ी और शादी-विवाह समारोहों में शराब की गलत परंपरा के खिलाफ पहाड़ से एक सशक्त और मिसाल बनने वाला कदम सामने आया है। रुद्रप्रयाग जनपद के अगस्त्यमुनि ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत नारी में आयोजित पंचायत की खुली बैठक में आम सहमति से बड़ा फैसला लिया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि विवाह समारोहों व अन्य सामाजिक आयोजनों में शराब परोसने पर ₹51,000 का अर्थदंड लगाया जाएगा। यह प्रस्ताव आगामी अप्रैल माह से प्रभावी होगा। नव-निर्वाचित ग्राम प्रधान श्रीमती कुसुम मलवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ग्राम सभा के सदस्यों ने इसे न सिर्फ ऐतिहासिक, बल्कि समय की सख्त जरूरत बताया। बैठक के दौरान अवैध शराब कारोबार पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग भी मुखर रूप से उठी। खास बात यह रही कि शराब के कारण घर-परिवार में अपमान, कलह और पीड़ा झेल रही मातृ शक्ति की आवाज़ इस फैसले की सबसे मजबूत आधार बनी। ग्रामीणों ने कहा कि भले ही शराब सरकार के लिए राजस्व का बड़ा साधन हो, लेकिन पहाड़ के लिए यह अभिशाप बन चुकी है। शादी-विवाह, पूजा-पाठ, छल-पूज्याई से लेकर होली-दीपावली जैसे त्योहारों तक शराब का बढ़ता चलन सामाजिक ताने-बाने को तोड़ रहा है। इसका सबसे खतरनाक असर नन्हीं कोंपलों और युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है, जिनकी रगों में खून से ज्यादा शराब दौड़ती दिखाई दे रही है। वहीं शहरों में युवा पीढ़ी स्मैक, हिरोइन जैसी नशीली दवाओं की गिरफ्त में फंसती जा रही है।
गांव के युवा रवि मलवाल सौम्य बताते है कि नारी ग्राम पंचायत का यह फैसला अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बनेगा। पहले से ही पहाड़ की कई ग्राम पंचायतें शराबबंदी का रास्ता अपना चुकी हैं और अब यह आंदोलन जनआंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।नारी ग्राम पंचायत का यह फैसला साफ संदेश देता है— शराब नहीं, संस्कार चाहिए; नशा नहीं, भविष्य चाहिए।











