दस्तक पहाड न्यूज तिलवाड़ा (रुद्रप्रयाग)। उत्तराखण्ड क्रान्ति दल (UKD) ने राज्य आंदोलनकारी स्वर्गीय श्री यशोधर बेंजवाल की स्मृति में तिलवाड़ा में बने स्मृति प्रवेश द्वार की लगातार हो रही अनदेखी पर गहरा रोष व्यक्त किया है। दल ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही शासन-प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया तो आंदोलन किया जाएगा।UKD जिलाध्यक्ष सूरत सिंह झिंक्वाण के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्मारक द्वार की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान स्व. बेंजवाल की पुत्री श्रीमती आरती पांडेय भी उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि “उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के शहीदों और आंदोलनकारियों के सम्मान में बने स्मारकों की उपेक्षा बेहद दुखद है। यह उन लोगों का अपमान है जिन्होंने राज्य निर्माण के लिए संघर्ष किया।”
जिलाध्यक्ष सूरत सिंह झिंक्वाण ने कहा कि स्वर्गीय यशोधर बेंजवाल ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन आज उनकी स्मृति तक की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन में 42 शहादतों के बावजूद आंदोलनकारियों और स्मारक स्थलों के संरक्षण को लेकर सरकार गंभीर नहीं दिख रही।
UKD नेताओं ने बताया कि यह स्मृति द्वार दोनों विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित है। इसके बावजूद न तो जनप्रतिनिधियों ने और न ही प्रशासनिक अधिकारियों ने इसकी सुध ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस मार्ग से नियमित आवाजाही करते हैं, फिर भी स्मारक की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। दल ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्मृति द्वार का सौंदर्यीकरण, मरम्मत और उचित संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। UKD ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन धरना-प्रदर्शन शुरू करेगा।इस मौके पर अर्जुन कंडारी, अजीत सिंह (जिला महामंत्री), प्रदीप बिष्ट, वीरेंद्र पंवार, अंकुश जसवाल, बंदना भट्ट (महिला प्रकोष्ठ), शैला रावत सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।











