Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Dastak Pahad Team

अगस्त्यमुनि में ट्रॉली संचालकों को चार माह से वेतन नहीं, क्या यहाँ भी बजट की कमी ?

दीपक बेंजवाल  / दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि। पहाड़ के दूरस्थ इलाकों में जहाँ सड़कें अभी भी पूरी तरह जीवनरेखा नहीं बन पाई हैं, वहाँ ट्रॉली जैसे साधन ही लोगों की आवाजाही का सहारा हैं। लेकिन इन्हीं ट्रॉली सेवाओं को संचालित करने वाले कर्मियों की हालत अब खुद बदहाल हो चली है। अगस्त्यमुनि क्षेत्र के ओतखण्डला से चाका क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गाँवों को जोड़ने वाली ट्रॉली सेवा के संचालकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है।

ट्रॉली संचालक कर्मियों का कहना है कि अक्टूबर माह से अब तक भुगतान नहीं हुआ, जबकि वे नियमित रूप से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। उनका आरोप है कि विभागीय स्तर पर बार-बार संपर्क करने के बावजूद केवल आश्वासन मिल रहा है, समाधान नहीं। वे बताते हैं कि उनकी आय का यही एकमात्र साधन है और वेतन न मिलने से परिवार के सामने रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और राशन तक का संकट खड़ा हो गया है।

Advertisement Box

स्थानीय ग्रामीणों का भी कहना है कि यह ट्रॉली सेवा सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि जरूरत है। बीमार व्यक्तियों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों के लिए यही सबसे आसान और सुलभ माध्यम है। यदि संचालक आर्थिक तंगी के कारण काम बंद करने को मजबूर हुए तो पूरे क्षेत्र की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

मामला लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़ा बताया जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि जब कर्मचारी काम कर रहे हैं तो भुगतान क्यों रोका गया है? क्या यहाँ भी बजट की कमी का हवाला दिया जा रहा है, या फिर फाइलें दफ्तरों में ही अटकी हैं?

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएँ बढ़ाने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाले मजदूर और कर्मचारी ही सबसे अधिक उपेक्षित हैं। ट्रॉली संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर मुद्दे पर कब संज्ञान लेता है — क्योंकि यहाँ सवाल सिर्फ वेतन का नहीं, बल्कि उन पहाड़ी परिवारों की रोजी-रोटी का है जो पहले से ही कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे हैं।

शनिवार, 10 अक्तूबर 2026

आज का सुविचार

सच्चा ज्ञान केवल किताबों में नहीं, बल्कि अनुभव और आत्म-चिंतन में छिपा है। दूसरों की गलतियों से सीखें, अपनी गलतियों को स्वीकारें और निरंतर सुधार की प्रक्रिया में बने रहें, यही बुद्धिमानी है।

Advertisement Box
Advertisement Box
27 दिन के आंदोलन के बाद ऊखीमठ PHC बना CHC, शासनादेश जारी” एक माह में शासनादेश का विधायक आशा नौटियाल का वादा हुआ पूरा
आज फोकस में

27 दिन के आंदोलन के बाद ऊखीमठ PHC बना CHC, शासनादेश जारी” एक माह में शासनादेश का विधायक आशा नौटियाल का वादा हुआ पूरा

घर का भेदी ही लूट ले गया मां का भरोसा, 20 लाख के गहने लेकर बेटा फरार
आज फोकस में

घर का भेदी ही लूट ले गया मां का भरोसा, 20 लाख के गहने लेकर बेटा फरार

उत्तराखंड में हर महीने 9 तारीख को बजेगा भूकंप का सायरन, घबराने की जरूरत नहीं, सुबह 11 बजे होगा सिस्टम टेस्ट
आज फोकस में

उत्तराखंड में हर महीने 9 तारीख को बजेगा भूकंप का सायरन, घबराने की जरूरत नहीं, सुबह 11 बजे होगा सिस्टम टेस्ट

Breking news : रुद्रप्रयाग चमोली में अभी-अभी आया भूकंप, तेज झटकों से थर्राए लोग, रिक्टर स्केल पर 4.9 की तीव्रता, दिल्ली-NCR तक महसूस हुई हलचल
आज फोकस में

Breking news : रुद्रप्रयाग चमोली में अभी-अभी आया भूकंप, तेज झटकों से थर्राए लोग, रिक्टर स्केल पर 4.9 की तीव्रता, दिल्ली-NCR तक महसूस हुई हलचल

अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर देशभर के 115 सहित उत्तराखंड के 9 शिक्षक होंगे राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 से सम्मानित, रुद्रप्रयाग की ललिता रौतेला भी शामिल
आज फोकस में

अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर देशभर के 115 सहित उत्तराखंड के 9 शिक्षक होंगे राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 से सम्मानित, रुद्रप्रयाग की ललिता रौतेला भी शामिल

उत्तराखंड में अधिकारियों के दफ्तर में होगा पैनिक बटन, CCTV से होगी निगरानी, बिना पहचान पत्र प्रवेश नहीं
आज फोकस में

उत्तराखंड में अधिकारियों के दफ्तर में होगा पैनिक बटन, CCTV से होगी निगरानी, बिना पहचान पत्र प्रवेश नहीं

और भी पढ़ें

✕
[news_reels]
WhatsApp