दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। प्राथमिक शिक्षक भर्ती के 1670 पदों को लेकर एक बार फिर मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। ब्रिज कोर्स से प्रशिक्षित 119 अभ्यर्थियों ने अपनी नियुक्ति के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार द्वारा जारी विज्ञापन के तहत उन्होंने भी आवेदन किया था, लेकिन बाद में उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए।याचिकाकर्ताओं के अनुसार, हाल ही में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था जिसमें ब्रिज कोर्स प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने भी नियमानुसार आवेदन किया। इसके बावजूद चयन प्रक्रिया में उन्हें बाहर कर दिया गया। इससे पहले भी इसी मामले में 169 अभ्यर्थियों को माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अंतरिम राहत मिल चुकी है।अब समानता के अधिकार के आधार पर 119 अन्य अभ्यर्थियों ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में मांग की गई है कि सरकार को निर्देशित किया जाए कि उनके पद सुरक्षित रखे जाएं तथा उन्हें भी पूर्व याचिकाकर्ताओं की तरह अंतरिम राहत प्रदान की जाए।याचिकाकर्ताओं में अरविंद उपाध्याय, मनोज पाठक, अल्पना पवार, भूपेंद्र मेहता, उमेश चंद्र पांडे, इंद्र दुकलान सहित अन्य अभ्यर्थी शामिल हैं। इन सभी का कहना है कि जब समान योग्यता और प्रशिक्षण वाले अभ्यर्थियों को राहत मिल चुकी है तो उन्हें वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है।
ब्रिज कोर्स प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के समर्थन में बोलते हुए अगस्त्यमुनि निवासी विजय बंगरवाल ने कहा,“यह केवल 119 अभ्यर्थियों का मामला नहीं है, बल्कि यह न्याय और समानता के अधिकार की लड़ाई है। जब सुप्रीम कोर्ट पहले ही समान परिस्थितियों में अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत दे चुका है, तो बाकी पात्र अभ्यर्थियों को बाहर रखना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। सरकार को चाहिए कि अदालत में अनावश्यक विरोध करने के बजाय समाधान निकाले और सभी योग्य अभ्यर्थियों को उनका हक दे। हम आशा करते हैं कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय इस बार भी अभ्यर्थियों को राहत देगा।”
मामले की अगली सुनवाई पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इसका सीधा असर सैकड़ों प्रशिक्षित युवाओं के भविष्य पर पड़ने वाला है।











