दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि। उत्तराखण्ड के पर्वतीय जिलों में लगातार बढ़ रहे मानव–वन्यजीव संघर्ष को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी रुद्रप्रयाग ने गंभीर चिंता जताई है। इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी ने अध्यक्ष कुलदीप कण्डारी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंच कर मुख्यमंत्री को प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के लगभग सभी पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार, भालू, बंदर, जंगली सुअर एवं अन्य वन्यजीवों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। इस वर्ष अब तक कई स्थानीय लोग, जिनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक है, वन्यजीव हमलों में अपनी जान गंवा चुके हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
कांग्रेस ने 3 फरवरी 2026 की दर्दनाक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि रुद्रप्रयाग जनपद के सिंन्द्रवाणी गांव में शाम के उजाले में ही एक गुलदार एक अबोध बालक को उसकी मां की गोद से उठाकर ले गया था। बाद में देर रात बालक का अधखाया शव गांव से कुछ दूरी पर बरामद हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।ज्ञापन में यह भी कहा गया कि इस वर्ष पहली बार पहाड़ी क्षेत्रों के लगभग हर हिस्से में भालुओं का आतंक देखने को मिला है। वहीं बंदरों और जंगली सुअरों के कारण पहाड़ों की लगभग आधी खेती प्रभावित होकर बंजर होती जा रही है, जिससे किसानों की आजीविका पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी ने सरकार से आगामी विधानसभा बजट सत्र में मानव–वन्यजीव संघर्ष पर विशेष चर्चा कराने, पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार, भालू, बंदर एवं जंगली सुअरों की वैज्ञानिक गणना कराने तथा मानक से अधिक संख्या होने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों या चिड़ियाघरों में रखने की मांग की है। साथ ही वन्यजीव हमलों में मृतक एवं घायलों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाने, मृतकों के परिजनों को वन विभाग में रोजगार देने तथा जंगली जानवरों से प्रभावित खेती के लिए उचित मुआवजा देने की मांग भी की गई है। इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी रुद्रप्रयाग के जिला अध्यक्ष कुलदीप कण्डारी ने कहा,
“उत्तराखण्ड के पहाड़ी जिलों में मानव–वन्यजीव संघर्ष भयावह रूप ले चुका है। महिलाओं और बच्चों की जान जा रही है, लेकिन सरकार सिर्फ औपचारिकताएं निभा रही है। जब तक वन्यजीव प्रबंधन, मुआवजा और पीड़ित परिवारों के लिए ठोस नीति नहीं बनती, कांग्रेस जनता की आवाज़ मजबूती से उठाती रहेगी।”
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो पहाड़ों में जनजीवन और अधिक असुरक्षित हो जाएगा। इस अवसर पर पूर्व विधायक केदारनाथ मनोज रावत, पूर्व प्रमुख प्रदीप थपलियाल, ब्लाक अध्यक्ष हरीश गुसाईं, महावीर पंवार, घ्यालू लाल सहित भारी संख्या में कांग्रेसी जन उपस्थित रहे।











