दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।।
नंगे पांव, निराहार व्रत के साथ आगे बढ़ रही भगवान अगस्त्य मुनिमहाराज की देवडोली, क्षेत्र में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
अगस्त्यमुनि क्षेत्र में इन दिनों गहरा भक्तिमय वातावरण छाया हुआ है। भगवान अगस्त्य मुनिमहाराज की पावन देवरा यात्रा पूर्ण श्रद्धा, आस्था और तपस्या के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। नंगे पांव और निराहार व्रत का कठोर पालन करते हुए यह दिव्य यात्रा आज डांगी गाँव से प्रवास के लिए गुनाऊं गाँव पहुंचेगी, जहां भगवान अगस्त्य जी का प्राचीन बिथरा मंदिर स्थित है। लोक मान्यता में इसे मुनिमहाराज जी का ससुराल माना जाता है इस नाते यहां के ग्रामीण भगवान अगस्त्य मुनिमहाराज का भव्य स्वागत करते है और विदाई पर पहाड़ की पारंपरिक मिठाई अर्से रोटने की भेंट अर्पित करते है।
देवरा यात्रा का शुभारंभ 14 जनवरी, मकर संक्रांति के पावन पर्व पर हुआ था, जब भगवान अगस्त्य मुनिमहाराज की चल विग्रह डोली गर्भगृह से बाहर आई। इसके बाद देवडोली का प्रथम प्रवास मंदिर परिसर में, दूसरा नाकोट गांव और तीसरा धान्यूं गांव में संपन्न हुआ। यात्रा क्रमशः विजयनगर, बनियाड़ी, सौड़ी, चमेली, रुमसी, डोभा, भौंसाल, चौण्ड और सौड़ भट्ट गांवों से होते हुए बावई गांव पहुंची, जहां भगवान मुनिमहाराज ने पांच दिनों तक भक्तों को दर्शन देकर आशीर्वाद प्रदान किया। बावई के बाद यात्रा मल्यागांव बोरा, मयकोटी, कुमोली होते हुए मालकोटी गांव पहुंची। मालकोटी गांव भगवान के हकहकूधारी थोकदार परिवारों का प्रमुख गांव माना जाता है, जहां देवडोली का भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात सोमवार को यात्रा डांगी गांव पहुंची और आज गुनाऊं गांव के लिए प्रस्थान कर रही है।
देवरा यात्रा के दौरान देवडोली घर-घर जाकर श्रद्धालुओं की कुशलक्षेम पूछ रही है तथा भक्तों को आशीर्वाद दे रही है। नंगे पांव और निराहार व्रत के साथ की जा रही यह यात्रा श्रद्धा, त्याग और सनातन परंपराओं की जीवंत मिसाल बन गई है। इस पावन यात्रा में मठाधीश पं. योगेश बेंजवाल, आचार्य भूपेंद्र बेंजवाल, सुनील बेंजवाल, हरि सिंह रावत, मनवर सिंह रावत और दलीप सिंह रावत, विपिन सिंह रावत, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवडोली के साथ चल रहे हैं। पूरे क्षेत्र में जगह-जगह श्रद्धालु भगवान मुनिमहाराज के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।











