दस्तक पहाड न्यूज ऊखीमठ।। रुद्रप्रयाग जिले के तहसील ऊखीमठ अंतर्गत ग्राम पठाली में एक बार फिर भालू के हमले ने दहशत फैला दी है। जंगल में घास लेने गई 55 वर्षीय महिला रामेश्वरी देवी (पत्नी श्री मनवर सिंह) पर अचानक भालू ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।घटना की जानकारी के अनुसार, आज सुबह लगभग 11 बजे महिला ग्राम पठाली के निकट जंगल में घास काटने गई थीं। अचानक छिपे हुए भालू ने उन पर हमला बोल दिया। भालू के हमले में महिला के चेहरे, सिर और शरीर पर गहरे घाव आए हैं। ग्रामीणों की त्वरित सहायता से उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को देखते हुए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग रेफर कर दिया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन्हें उचित इलाज की आवश्यकता है।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीणों ने लगातार बढ़ रही भालू हमलों की घटनाओं को लेकर वन विभाग पर तीखा आक्रोश जताया है। उनका आरोप है कि बीते कुछ महीनों में जनपद रुद्रप्रयाग के विभिन्न इलाकों, खासकर ऊखीमठ और गुप्तकाशी क्षेत्र में भालुओं द्वारा दर्जनों हमले हो चुके हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस रोकथाम नहीं की जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग द्वारा समय-समय पर केवल आश्वासन दिए जाते हैं, जबकि वास्तविक स्तर पर गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में पिंजरे (ट्रैप) लगाने या अन्य सुरक्षा उपायों में कमी बरती जा रही है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, भालुओं को पकड़ने के लिए विशेष टीम भेजी जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मानव-वन्यजीव संघर्ष उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में तेजी से बढ़ रहा है, खासकर भालुओं की बढ़ती संख्या और जंगलों में घुसपैठ के कारण। ऐसे में प्रशासन और वन विभाग को जल्द प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, वरना यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।स्थानीय लोग अब डर के साए में जी रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।











