दस्तक पहाड न्यूज देहरादून / रूद्रप्रयाग। । उत्तराखंड के प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई मारपीट की घटना ने शिक्षा विभाग में उबाल ला दिया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर कथित हमले के मामले में अधिकारी-कर्मचारी उमेश शर्मा काऊ की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मुख्य सचिव से मुलाकात के बावजूद कर्मचारियों का आक्रोश शांत नहीं हुआ और निदेशालय परिसर में धरना व कार्य बहिष्कार जारी रहा।
घटना का पूरा विवरण : शनिवार को विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ रायपुर क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय के नाम परिवर्तन को लेकर चर्चा के लिए निदेशालय पहुंचे थे। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ा और कथित तौर पर मारपीट हो गई। निदेशक अजय कुमार नौडियाल के अनुसार कार्यालय में गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और जान से मारने की धमकी दी गई। घटना में वे घायल हुए और अस्पताल में भर्ती कराए गए। निदेशक की तहरीर पर रायपुर थाने में बीएनएस की धाराओं 121(1), 191(2), 324(3), 351(3), 352 आदि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।पुलिस ने वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर हिस्ट्रीशीटर अरविंद पुंडीर उर्फ कल्ली सहित चार-पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई। वहीं विधायक के गनर की ओर से भी क्रॉस शिकायत दर्ज कराई गई है।
विधायक का बयान : विधायक उमेश शर्मा काऊ ने घटना पर खेद जताते हुए माफी मांगी और कहा कि यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। उन्होंने इसे गलतफहमी बताया, हालांकि कर्मचारी संगठन उनकी गिरफ्तारी की मांग पर कायम हैं।
कर्मचारी आंदोलन तेज: घटना को विभाग की गरिमा पर हमला बताते हुए निदेशक स्तर से चतुर्थ श्रेणी तक के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने दो दिनों के बहिष्कार की घोषणा की है और कई स्थानों पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक विधायक के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।
राजनीतिक घमासान : विपक्षी कांग्रेस ने रायपुर थाने का घेराव कर 48 घंटे के भीतर विधायक की गिरफ्तारी की मांग की। सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर भी यह मामला असहजता का कारण बना हुआ है। सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नई एसओपी बनाने की बात कही है।
रूद्रप्रयाग में निंदा, ज्ञापन सौंपा : कार्मिक-शिक्षक (शिक्षा विभाग) महासंघ, जनपद रूद्रप्रयाग ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई घटना की कड़ी निंदा की। जिला अध्यक्ष/प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई। महासंघ ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा और सरकारी कार्यालयों व विद्यालयों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई।महासंघ अध्यक्ष विक्रम सिंह झिंक्वाण के नेतृत्व में ज्ञापन प्रेषित किया गया। बैठक का संचालन जिला महामंत्री शंकर भट्ट ने किया। इसमें विभिन्न शिक्षक व कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने विचार रखे। फिलहाल मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिक्षा विभाग की स्वतंत्रता, जनप्रतिनिधियों की दखलंदाजी और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाले दिनों में सरकार के कदमों पर सभी की नजर टिकी है।


शिक्षा निदेशक पिटाई कांड: विधायक









