दस्तक पहाड़ न्यूज। अगस्त्यमुनि। अगस्त्यमुनि मैदान में सनातन धर्म हिन्दू सम्मेलन समिति के तत्वावधान में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिला मंडलों, युवाओं और बुजुर्गों ने भाग लिया। पूरे मैदान में धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता के संदेश गूंजते रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मंचासीन संत-महात्माओं एवं वक्ताओं का पारंपरिक स्वागत किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य सनातन परंपराओं के संरक्षण, नैतिक मूल्यों के प्रसार और समाज की एकजुटता को मजबूत करना बताया गया।
महामंडलेश्वर स्वामी स्वरूपानंद यति जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म जीवन जीने की समग्र व्यवस्था है, जो मानवता और अनुशासन का मार्ग दिखाती है। उन्होंने परिवार में संस्कार और भारतीय मूल्यों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहना आवश्यक है।
पंचकेदार के मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग जी महाराज ने भारतीय संस्कृति को समाज की पहचान बताते हुए परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डाला और युवाओं से सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
विश्व हिन्दू परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश चिवालकर रघुवंकर ने सामाजिक समरसता और संगठन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि एकजुट समाज ही सशक्त राष्ट्र का आधार बनता है।
शंकराचार्य माधवाश्रम संस्थान ऋषिकेश के ब्रह्मचारी केशव स्वरूप ने युवाओं को संस्कार, शिक्षा और चरित्र निर्माण से जोड़ने की आवश्यकता बताते हुए अभिभावकों से बच्चों में नैतिक शिक्षा पर ध्यान देने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर आयोजन समिति के प्रभारी देवेन्द्र पडियार, संयोजक विनोद भट्ट, गढ़वाल श्री महंत शिवानंद गिरी जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।










