दस्तक पहाड न्यूज देहरादून।। उपनल कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। धामी सरकार ने समान कार्य समान वेतन का आदेश जारी कर दिया। दस साल की सेवा वाले आठ हजार से अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।शासन ने इससे लाभान्वित होने वालों की कट आफ डेट 2018 रखी है। यद्यपि पहले चरण में वर्ष 2015 से पूर्व से विभिन्न विभागों में अब तक 10 वर्ष की न्यूनतम सेवा देने वाले उपनल कर्मियों को इसके दायरे में लिया जाएगा।शेष को चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2028 तक इसके दायरे में लिया जाएगा। इसके लिए सभी विभाग दो माह के भीतर उपनल कर्मियों से अनुबंध करेंगे।
प्रदेश में इस समय विभिन्न विभागों में 22 हजार से अधिक उपनल कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस आदेश के से करीब 10 से 12 हजार उपनल कर्मियों को लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार ने हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में उपनल कर्मियों को समान पद समान वेतन देने का निर्णय लिया था।अब इसमें कट आफ डेट तय करते हुए आदेश जारी कर दिया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि हाईकोर्ट ने इस संबंध में 12 नवंबर 2018 को आदेश जारी किया था। ऐसे में यही तिथि कट आफ डेट मानी जाएगी। सरकार राज्य की आर्थिक स्थिति के हिसाब से इन्हें चरणबद्ध तरीके से समान पद व समान वेतन प्रदान करेगा। कर्मचारी इस संबंध में जिस पद के सापेक्ष कार्यरत हैं उन्हें उसी के अनुरूप न्यूनतम वेतन व महंगाई भत्ता दिया जाएगा।सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित विभाग एवं संबंधित कार्मिक के बीच अनुबंध के तहत सीधे भुगतान किया जाएगा। कार्मिक विभाग जल्द ही इसका प्रारूप तैयार करेगा। विभाग द्वारा उपनल कर्मियों की सूची तैयार की जाएगी। इनसे अनुबंध का कार्य दो माह के भीतर करा लिया जाएगा।
कर्मचारी इस प्रकार से आएंगे इसके दायरे में
- कार्मिक का संबंधित पदों के लिए आवश्यक शैक्षिक अर्हता होनी जरूरी है।
- अन्यथा की स्थिति में शैक्षिक अर्हता के अनुसार उपलब्ध समकक्ष पद के सापेक्ष कार्य लेते हुए वेतन दिया जाएगा।
- यदि किसी कार्मिक के कार्य में तैनाती के बाद परिवर्तन किया गया है तो उसे उसी पद अथवा श्रेणी के आधार पर वेतन दिया जाएगा जिसमें उसमें शुरुआत में कार्ययोजित किया गया था।
- यदि कोई कार्मिक स्वीकृत पद के बिना कार्य कर रहा है तो उसे समूह घ का न्यूनतम अथवा उस संवर्ग की प्रारंभिक सीधी भर्ती के पद के समान न्यूनतम वेतन दिया जाएगा।
- रिक्त पदों पर नई भर्ती को कार्मिक, वित्त व न्याय का परामर्श जरूरी
- यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे पद जिनके सापेक्ष उपनल कर्मियों को रखा जाएगा, उन पदों पर अधियाचन भेजने से पहले संबंधित विभाग को कार्मिक, वित्त व न्याय विभाग का परामर्श लेना जरूरी होगा।
- उपनल के माध्यम से अब पूर्व सैनिक ही रखे जाएंगे
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में उपनल के माध्यम से मात्र राज्य सरकार द्वारा निर्धारित योजनाओं के अंतर्गत केवल पूर्व सैनिकों के पुनर्वास संबंधित कार्य किए जाएंगे। यह कार्य निर्धारित समय अवधि के लिए होंगे और नितांत अस्थायी होंगे।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आज उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने उनके कैंप कार्यालय में भेंट की। इस दौरान 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले उपनल कर्मियों को समान कार्य–समान वेतन का लाभ दिए जाने का शासनादेश जारी होने पर मंत्री गणेश जोशी का आभार व्यक्त किया। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।











