दस्तक पहाड न्यूज देहरादून।। समाज कल्याण विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 970 लोगों की पेंशन पर रोक लगा दी है। ये वे लाभार्थी हैं जो अपने मूल विभाग से सेवानिवृत्ति पेंशन लेने के साथ-साथ समाज कल्याण विभाग से भी दूसरी पेंशन प्राप्त कर रहे थे। मामले का खुलासा कैग (CAG) की डाटा जांच और सत्यापन के बाद हुआ, जिसके बाद शासन स्तर पर हड़कंप मच गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार कुल 1377 मामलों में दोहरी पेंशन लेने की आशंका पाई गई थी। जांच के दौरान इनमें से 93 लाभार्थियों को मृत्यु के कारण तथा 314 को सत्यापन के बाद अन्य कारणों से पोर्टल से हटा दिया गया। अब 970 लोग ऐसे पाए गए हैं जो अभी भी दोहरी पेंशन ले रहे थे, जिनकी पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है।समाज कल्याण विभाग अब इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रहा है और ट्रेजरी विभाग से भी विस्तृत डाटा मांगा गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित लोग किन-किन विभागों से पेंशन ले रहे थे।
आंदोलनकारी पेंशन भी शामिल
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि दोहरी पेंशन लेने वालों में से 565 लोग राज्य आंदोलनकारी या स्वतंत्रता सेनानी पेंशन भी ले रहे थे। बाकी 405 लोग किन विभागों से अतिरिक्त पेंशन ले रहे थे, इसकी जानकारी ट्रेजरी विभाग से जुटाई जा रही है।
2013-14 से चल रही थी गड़बड़ी
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह अनियमितता हाल की नहीं बल्कि वर्ष 2013-14 से लगातार जारी थी। यानी लगभग 12 वर्षों तक सिस्टम में खामियों का फायदा उठाकर दोहरी पेंशन ली जाती रही।
शासन को भेजी गई रिपोर्ट
समाज कल्याण निदेशक डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है और 970 लोगों की पेंशन रोके जाने की सूचना भी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, जिसके बाद शासन स्तर पर रिकवरी (वसूली), दंडात्मक कार्रवाई और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर निर्णय लिया जाएगा।
सिस्टम पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने विभागीय सत्यापन प्रक्रिया, डाटा इंटीग्रेशन और विभागों के बीच समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि शासन दोषियों से वसूली और जवाबदेही तय करने में कितनी सख्ती दिखाता है।











