दस्तक पहाड़ न्यूज | अगस्त्यमुनि।। नगर उद्योग व्यापार मंडल अगस्त्यमुनि ने नगर पंचायत की वर्तमान लाइसेंस शुल्क और टैक्स व्यवस्था को लेकर कड़ा विरोध जताते हुए अधिशासी अधिकारी एवं नगर पंचायत अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा है। व्यापारियों ने आर्थिक दबाव, ऑनलाइन व्यापार के बढ़ते प्रभाव और असमान शुल्क व्यवस्था को लेकर कई अहम मांगें रखी हैं।
उत्तराखण्ड व्यापार मंडल प्रदेश महामंत्री मोहन रौतेला,
नगर व्यापार मंडल अगस्त्यमुनि अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह नेगी, महामंत्री मनीष बिष्ट और कोषाध्यक्ष विक्रम नेगी, मंडल अध्यक्ष मनोज राणा, पूर्व अध्यक्ष व्यापार संघ नवीन बिष्ट के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से नगर पंचायत के अंतर्गत व्यापारियों से वार्षिक लाइसेंस शुल्क लिया जा रहा है, वहीं पिछले वर्ष से यूजर चार्ज भी जोड़ा गया है, जिससे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन स्टोर्स के बढ़ते प्रभाव के कारण स्थानीय बाजार पहले ही प्रभावित है, ऐसे में अधिक शुल्क वसूलना व्यापारियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है।
प्रमुख मांगें:
- व्यापारियों को छोटे और बड़े वर्गों में बांटकर लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया जाए
- वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए वार्षिक शुल्क में कमी की जाए
- ऑनलाइन स्टोर्स पर अधिक शुल्क लगाया जाए या उन्हें नियमों के दायरे में लाया जाए
- फड़-फेरी करने वालों और मजदूर वर्ग से भी यूजर चार्ज लिया जाए
- नगर पंचायत केवल व्यापारियों पर ही आय का भार न डाले, अन्य स्रोतों से भी राजस्व बढ़ाया जाए
- प्रत्येक वार्ड में भवन कर को व्यवस्थित रूप से लागू किया जाए
- बाजार में नियमित सफाई, लाइट व्यवस्था और निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए
व्यापार मंडल ने यह भी बताया कि पूर्व में 19 फरवरी 2025 को भी इस संबंध में पत्र दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नए बोर्ड गठन के बाद भी गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं होने से व्यापारी असमंजस में हैं। साथ ही, पड़ोसी नगर पंचायतों जैसे उखीमठ और तिलवाड़ा में व्यापारियों को दी जा रही छूट का हवाला देते हुए अगस्त्यमुनि में भी राहत देने की मांग की गई है। अंत में व्यापार मंडल ने नगर पंचायत से जल्द कार्यवाही करते हुए व्यापारियों को राहत देने और नगर विकास के लिए संतुलित नीति अपनाने की अपील की है।











