दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग।। जिला कांग्रेस कमेटी रुद्रप्रयाग के अध्यक्ष कुलदीप कण्डारी ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक विस्तृत पत्र भेजकर आगामी उत्तराखण्ड विधानसभा के बजट सत्र को लेकर कई गंभीर आपत्तियाँ और सुझाव रखे हैं। यह पत्र उपजिलाधिकारी, उखीमठ के माध्यम से प्रेषित किया गया।
पत्र में कहा गया है कि उत्तराखण्ड विधानसभा के सत्र अन्य राज्यों की तुलना में अत्यंत कम अवधि के लिए आयोजित किए जाते हैं, जिससे जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में समुचित चर्चा नहीं हो पाती। राज्य के 70 विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएँ उठाने और सरकार से जवाब लेने का पूरा अवसर नहीं मिल पा रहा है।कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने पत्र में प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बेहद कमजोर हुई है। वन्यजीवों के हमलों से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मानवीय क्षति हुई है, वहीं “हर घर नल योजना” के बावजूद पेयजल संकट बना हुआ है। इसके अलावा, पिछली आपदाओं से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और मुआवजे की समस्याएँ आज भी लंबित हैं। पत्र में सरकारी जमीनों की नीलामी पर भी सवाल उठाए गए हैं। पत्र में मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि उनके कार्यकाल में न तो चतुर्थ विधानसभा और न ही वर्तमान पंचम विधानसभा के सत्रों में सोमवार को प्रश्नकाल और विधायी कार्य हुए हैं, जबकि मुख्यमंत्री स्वयं कई विभागों का प्रभार रखते हैं।
कांग्रेस की क्या है प्रमुख मांग—
- आगामी बजट सत्र में सोमवार को प्रश्नकाल और विधायी कार्य अनिवार्य रूप से कराए जाएँ तथा कम से कम तीन सोमवार मुख्यमंत्री अपने विभागों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दें।
- उत्तराखण्ड में अभी भी उत्तर प्रदेश काल के कई कानून और नियमावलियाँ लागू हैं, जिन्हें राज्य की परिस्थितियों के अनुसार बदला जाना आवश्यक है। पंचायत राज अधिनियम सहित अन्य कानूनों में सुधार की माँग की गई है।
- भ्रष्टाचार, महिलाओं पर उत्पीड़न, बढ़ते अपराध, वन्यजीवों से मानव हानि और सरकारी जमीनों के दुरुपयोग जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विधानसभा में व्यापक चर्चा कराई जाए।इन सभी विषयों पर सार्थक विमर्श के लिए बजट सत्र कम से कम तीन सप्ताह की अवधि का हो।
- कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार इन मुद्दों की अनदेखी करती है तो जनता के हितों से जुड़ी आवाज़ को और तेज़ किया जाएगा।











