दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि परिसर में दिनांक 26 फरवरी 2026 को रसायन विज्ञान विभाग परिषद द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में रसायन विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं के उत्कृष्ट योगदानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें वैज्ञानिक शोध और नवाचार के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. के. सी. दूतपुडी ने विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवीन आविष्कारों और शोध कार्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से निरंतर सीखने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान समाज की प्रगति का आधार है और युवा पीढ़ी की इसमें सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। रसायन विज्ञान विभाग की प्रभारी डॉ. चंद्रकला नेगी ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 की थीम “Women in Science” पर अपने विचार रखते हुए कहा कि रसायन विज्ञान केवल एक शैक्षणिक विषय नहीं, बल्कि हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में हो रहे शोध कार्य स्वास्थ्य, पर्यावरण और दैनिक जीवन से जुड़ी अनेक समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत “Women in Science: Contribution and Innovation of Women Scientists in Chemistry” विषय पर भाषण, पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आकर्षक पोस्टर, प्रभावशाली भाषण और उत्कृष्ट निबंध प्रस्तुत किए। प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें डॉ. हरिओम शरण बहुगुणा, डॉ. सुधीर पेटवाल, डॉ. अमरदीप, डॉ. मनीषा डोभाल, डॉ. सुधीर कोठियाल (रसायन विज्ञान, पी.जी. कॉलेज गोपेश्वर) तथा डॉ. राजकुमार कश्यप (भूगर्भ विज्ञान, पी.जी. कॉलेज गोपेश्वर) शामिल रहे। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को सहभागिता हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन एम.एससी. की छात्रा खुशी एवं छात्र शुभम द्वारा किया गया। समापन अवसर पर डॉ. संजय दत्त ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभाग के सभी प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में शोध, नवाचार एवं आत्मविश्वास की भावना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ विज्ञान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।










