Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

स्कूल में भटकती आत्मा की शांति के लिए ‘भूत मंदिर’ बनवाया; चोरी- छिपे बलि भी दी

दस्तक पहाड़ न्यूज।। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कौसानी स्थित एक सरकारी स्कूल में ‘भूत मंदिर’ बनाए जाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस प्रकरण में बच्चों से पैसे वसूलने और अंधविश्वास को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं।बताया जा रहा है कि कौसानी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में एक छोटे मंदिरनुमा ढांचे का निर्माण किया गया। आरोप है कि इसके लिए छात्रों से 100-100 रुपये लेकर करीब 21,800 रुपये जुटाए गए। स्थानीय स्तर पर यह धारणा फैलाई गई कि करीब 35 साल पहले स्कूल परिसर में एक नेपाली मजदूर की मौत हुई थी, जिसकी आत्मा भटक रही है और बच्चों को डराती है। कुछ लोगों का दावा है कि इसी डर को दूर करने के लिए ‘भूत मंदिर’ का निर्माण किया गया, जबकि कई अभिभावक और जागरूक नागरिक इसे अंधविश्वास और भ्रम बता रहे हैं।

डीएम ने दिए सख्त निर्देश : जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी को स्वयं विद्यालय जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय जैसे संवेदनशील स्थानों पर इस प्रकार की गतिविधियां न केवल शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करती हैं, बल्कि बच्चों के मानसिक विकास पर भी नकारात्मक असर डालती हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूलों में सकारात्मक और सुरक्षित माहौल बनाए रखने तथा अफवाहों पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

Advertisement Box

अभिभावक संघ का पक्ष : अभिभावक संघ के अध्यक्ष चंदन भंडारी का कहना है कि वर्षों से बच्चों में डर का माहौल था, जिसे खत्म करने के लिए सामूहिक निर्णय लेकर मंदिर का निर्माण किया गया। उनका दावा है कि इससे बच्चों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।हालांकि, स्थानीय स्तर पर इस पूरे मामले को लेकर बहस छिड़ गई है—जहां एक पक्ष इसे आस्था से जोड़ रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे अंधविश्वास और बच्चों के शोषण का मामला बता रहा है।

पिता की चाय की दुकान, बेटी बनी पूर्ति निरीक्षक : पहाड़ की बेटियों के लिए मिसाल बनीं दृष्टि शाह
आज फोकस में

पिता की चाय की दुकान, बेटी बनी पूर्ति निरीक्षक : पहाड़ की बेटियों के लिए मिसाल बनीं दृष्टि शाह

हमें न राशन चाहिए, न पैसे… हमें स्वास्थ्य और सड़क चाहिए!बांगर की महिला का वीडियो वायरल, रुद्रप्रयाग विधानसभा में बुनियादी सुविधाओं को लेकर फिर उठे सवाल
आज फोकस में

हमें न राशन चाहिए, न पैसे… हमें स्वास्थ्य और सड़क चाहिए!बांगर की महिला का वीडियो वायरल, रुद्रप्रयाग विधानसभा में बुनियादी सुविधाओं को लेकर फिर उठे सवाल

करोड़ों की योजनाएं बनाने वाले अगस्त्यमुनि में सिंचाई खंड केदारनाथ के पास अपने बरामदे की सफाई के लिए पैसे नहीं !
आज फोकस में

करोड़ों की योजनाएं बनाने वाले अगस्त्यमुनि में सिंचाई खंड केदारनाथ के पास अपने बरामदे की सफाई के लिए पैसे नहीं !

रुद्रप्रयाग जिले के भट्टवाड़ी गाँव निवासी दिनेश भट्ट बने दिल्ली हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश, गांव से आज भी बना है गहरा लगाव
आज फोकस में

रुद्रप्रयाग जिले के भट्टवाड़ी गाँव निवासी दिनेश भट्ट बने दिल्ली हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश, गांव से आज भी बना है गहरा लगाव

पेयजल की गुणवत्ता पर डीएम सख्त, लेकिन सवाल—अब तक स्कूलों और अस्पतालों में दूषित पानी की शिकायतों पर क्या हुई कार्रवाई ?
आज फोकस में

पेयजल की गुणवत्ता पर डीएम सख्त, लेकिन सवाल—अब तक स्कूलों और अस्पतालों में दूषित पानी की शिकायतों पर क्या हुई कार्रवाई ?

खुशखबरी: रोपवे से जुड़ेगा देवभूमि का पर्यटन, सोनप्रयाग-केदारनाथ, कार्तिक स्वामी समेत छह प्रमुख परियोजनाएं प्रस्तावित, सड़कों का दबाव होगा कम, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
आज फोकस में

खुशखबरी: रोपवे से जुड़ेगा देवभूमि का पर्यटन, सोनप्रयाग-केदारनाथ, कार्तिक स्वामी समेत छह प्रमुख परियोजनाएं प्रस्तावित, सड़कों का दबाव होगा कम, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

आज का राशिफल

वोट करें

भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। क्या सरकार को इस पर विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

सोमवार, 28 सितंबर 2026

आज का सुविचार

क्रोध और तूफान दोनों एक समान हैं। शांत होने के बाद ही पता चलता है कि कितना नुकसान हुआ है। इसलिए हमेशा शांत रहकर निर्णय लें, क्योंकि गर्म दिमाग से लिए गए फैसले अक्सर गलत होते हैं।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

✕
[news_reels]
WhatsApp