Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

केदारनाथ धाम यात्रा से पहले पेयजल व्यवस्था बेपटरी, अगस्त्यमुनि के विजयनगर वार्ड में एक हफ्ते से आपूर्ति ठप्प, सीएम हेल्पलाइन बनी शोपीस

दस्तक पहाड़ न्यूज अगस्त्यमुनि।। आगामी केदारनाथ धाम यात्रा से पहले ही नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के विजयनगर वार्ड में पेयजल सुविधाएं खस्ता हाल में नजर आ रही हैं। एक ओर यात्रा सीजन नजदीक है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप्प पड़ी है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाजार आने वाले यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।स्थानीय होटल और ढाबा संचालकों की आजीविका पर सीधा असर डाल रही है। केदारनाथ धाम यात्रा से ठीक पहले पानी का संकट गहराने से कारोबारियों में भारी चिंता देखने को मिल रही है।

विजयनगर गदेरे के समीप बाजार क्षेत्र में लगे नल और एकमात्र हैंडपंप को हाल ही में रंग-रोगन कर चमका दिया गया, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इनमें पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। हालात यह हैं कि पूरे बाजार क्षेत्र में एक भी सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट नहीं है, जिससे पानी की समस्या और गंभीर हो गई है।

Advertisement Box

स्थानीय लोगों का कहना है कि अप्रैल माह में ही जब यह स्थिति है, तो मई-जून में केदारनाथ यात्रा के चरम पर हालात और भी खराब हो सकते हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरते हैं, ऐसे में पेयजल व्यवस्था का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है।

पेयजल उपभोक्ताओं की नाराजगी:

आई.आर. भट्ट ने कहा, “हम पिछले एक हफ्ते से लगातार विभाग में शिकायत कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। आसपास दूर-दूर तक कोई अन्य जल स्रोत भी उपलब्ध नहीं है, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।” प्रवीण बिष्ट का कहना है कि बाजार क्षेत्र में एक भी सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट नहीं है, जिससे लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। उन्होंने नगर पंचायत से मांग की कि यात्रा सीजन को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। मुकेश राणा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो केदारनाथ यात्रा के दौरान हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने नए जल स्रोतों के विकास और स्टोरेज टैंक निर्माण की मांग उठाई।

यात्रा से पहले सुधार जरूरी: स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि केदारनाथ धाम यात्रा शुरू होने से पहले पेयजल व्यवस्था का पुनर्गठन किया जाए। साथ ही केवल रंग-रोगन के बजाय वास्तविक रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, नए जल स्रोत विकसित किए जाएं और बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट स्थापित किए जाएं, ताकि स्थानीय लोगों और यात्रियों को राहत मिल सके।

रामपुर तिराहा कांड: 32 साल बाद पुलिस का झूठ उजागर, अपने ही जाल में फंसे कानून के रखवाले, अब मिली सजा
आज फोकस में

रामपुर तिराहा कांड: 32 साल बाद पुलिस का झूठ उजागर, अपने ही जाल में फंसे कानून के रखवाले, अब मिली सजा

देहरादून में दो छात्राएं तीन युवकों के साथ लिव-इन में मिलीं, अभिभावकों के लिए बड़ा सवाल: पढ़ाई या भटकाव?
आज फोकस में

देहरादून में दो छात्राएं तीन युवकों के साथ लिव-इन में मिलीं, अभिभावकों के लिए बड़ा सवाल: पढ़ाई या भटकाव?

112 साल बाद सामने आई रुद्रप्रयाग के वीर सपूत बहादुर सिंह रावत की शौर्यगाथा, प्रथम विश्व युद्ध में दिया था सर्वोच्च बलिदान
आज फोकस में

112 साल बाद सामने आई रुद्रप्रयाग के वीर सपूत बहादुर सिंह रावत की शौर्यगाथा, प्रथम विश्व युद्ध में दिया था सर्वोच्च बलिदान

आस्था के करोड़ों रुपये का हिसाब कौन देगा.? -राम मंदिर के बाद अब बीकेटीसी में भी दान पर सवाल – 20 दिन बीत गए, जांच रिपोर्ट अब तक गायब
आज फोकस में

आस्था के करोड़ों रुपये का हिसाब कौन देगा.? -राम मंदिर के बाद अब बीकेटीसी में भी दान पर सवाल – 20 दिन बीत गए, जांच रिपोर्ट अब तक गायब

हाई वोल्टेज ड्रामे का अंत: समझौते के बाद नगरासू से लौटे निहंग श्रद्धालु…प्रशासन ने की अब ये अपील
आज फोकस में

हाई वोल्टेज ड्रामे का अंत: समझौते के बाद नगरासू से लौटे निहंग श्रद्धालु…प्रशासन ने की अब ये अपील

रिंगाल से रच रहे रोजगार की कहानी, मक्कू में महिलाओं ने थामा आत्मनिर्भरता का रास्ता
आज फोकस में

रिंगाल से रच रहे रोजगार की कहानी, मक्कू में महिलाओं ने थामा आत्मनिर्भरता का रास्ता

आज का राशिफल

वोट करें

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। वैश्विक मंच पर क्या यह भारत की बड़ी जीत है?

Advertisement Box

बुधवार, 01 जुलाई 2026

आज का सुविचार

सफलता अंतिम नहीं है, और असफलता घातक नहीं है; बल्कि मायने यह रखता है कि आप निरंतर आगे बढ़ने का साहस रखते हैं या नहीं। हर ठोकर आपको मजबूत बनाने आती है, न कि गिराने।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

[news_reels]
WhatsApp