Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

बाबा केदार की उत्सव डोली कल भव्य रूप में श्री ओंकारेश्वर मंदिर से धाम हेतु करेगी प्रस्थान , केदारपुरी के क्षेत्र रक्षक भुकुंड भैरव जी की होगी आज पूजा

दस्तक पहाड़ न्यूज गुप्तकाशी।। आस्था और श्रद्धा के पर्व के रूप में प्रतिष्ठित श्री केदारनाथ धाम के कपाट वर्ष 2026 की यात्रा हेतु आगामी 22 अप्रैल 2026 को प्रातः 08:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान एवं सनातन परंपराओं के अनुरूप श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने के इस शुभ अवसर को लेकर जनपद में व्यापक उत्साह का वातावरण है तथा प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।इसके साथ ही भगवान केदारनाथ की चल-विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से भव्य एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। इस उपलक्ष्य में पूरे ओंकारेश्वर मंदिर परिसर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगना भी शुरू हो गया है।आज श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में सायंकालीन आरती के पश्चात पूर्व परंपरा के अनुसार केदारपुरी के क्षेत्र रक्षक भुकुंड भैरव जी की पूजा-अर्चना की जाएगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, कल 19 अप्रैल को भगवान श्री केदारनाथ जी की चल-विग्रह उत्सव डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर फाटा पहुंचेगी। इसके उपरांत 20 अप्रैल को डोली प्रातः फाटा से प्रस्थान कर गौरीकुंड स्थित पवित्र गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा।डोली यात्रा के अगले चरण में 21 अप्रैल को प्रातः गौरीकुंड से प्रस्थान कर भगवान की डोली श्री केदारनाथ धाम स्थित मंदिर भंडार पहुंचेगी। इसके साथ ही धाम में धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम विधिवत प्रारंभ हो जाएगा, तथा 22 अप्रैल को प्रातः 8:00 बजे श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं हेतु खोल दिया जाएगा।

Advertisement Box

देहरादून में दो छात्राएं तीन युवकों के साथ लिव-इन में मिलीं, अभिभावकों के लिए बड़ा सवाल: पढ़ाई या भटकाव?
आज फोकस में

देहरादून में दो छात्राएं तीन युवकों के साथ लिव-इन में मिलीं, अभिभावकों के लिए बड़ा सवाल: पढ़ाई या भटकाव?

112 साल बाद सामने आई रुद्रप्रयाग के वीर सपूत बहादुर सिंह रावत की शौर्यगाथा, प्रथम विश्व युद्ध में दिया था सर्वोच्च बलिदान
आज फोकस में

112 साल बाद सामने आई रुद्रप्रयाग के वीर सपूत बहादुर सिंह रावत की शौर्यगाथा, प्रथम विश्व युद्ध में दिया था सर्वोच्च बलिदान

आस्था के करोड़ों रुपये का हिसाब कौन देगा.? -राम मंदिर के बाद अब बीकेटीसी में भी दान पर सवाल – 20 दिन बीत गए, जांच रिपोर्ट अब तक गायब
आज फोकस में

आस्था के करोड़ों रुपये का हिसाब कौन देगा.? -राम मंदिर के बाद अब बीकेटीसी में भी दान पर सवाल – 20 दिन बीत गए, जांच रिपोर्ट अब तक गायब

हाई वोल्टेज ड्रामे का अंत: समझौते के बाद नगरासू से लौटे निहंग श्रद्धालु…प्रशासन ने की अब ये अपील
आज फोकस में

हाई वोल्टेज ड्रामे का अंत: समझौते के बाद नगरासू से लौटे निहंग श्रद्धालु…प्रशासन ने की अब ये अपील

रिंगाल से रच रहे रोजगार की कहानी, मक्कू में महिलाओं ने थामा आत्मनिर्भरता का रास्ता
आज फोकस में

रिंगाल से रच रहे रोजगार की कहानी, मक्कू में महिलाओं ने थामा आत्मनिर्भरता का रास्ता

सरकार से बहुत कुछ बोलती है डाॅ प्रेम बहुखण्डी की चिट्ठी, डाक भर्ती पर उठाए गंभीर सवाल..”पहाड़ के युवाओं का हक़ कौन छीन रहा ?
आज फोकस में

सरकार से बहुत कुछ बोलती है डाॅ प्रेम बहुखण्डी की चिट्ठी, डाक भर्ती पर उठाए गंभीर सवाल..”पहाड़ के युवाओं का हक़ कौन छीन रहा ?

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

शनिवार, 27 जून 2026

आज का सुविचार

ईमानदारी एक महंगा शौक है जिसे हर कोई वहन नहीं कर सकता। इसे निभाने के लिए आत्मबल और साहस की आवश्यकता होती है, जो कमजोर चरित्र वालों के पास नहीं होता।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

[news_reels]
WhatsApp