दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। जनपद रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में प्रशासन, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं पुलिस विभाग की संयुक्त तत्परता से एक नाबालिग बालिका की सगाई रुकवाकर बाल विवाह पर प्रभावी कार्रवाई की गई। समय रहते हस्तक्षेप कर प्रशासन ने न केवल एक बालिका का भविष्य सुरक्षित किया, बल्कि समाज को भी बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ सख्त संदेश दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती सात मई की रात्रि लगभग आठ बजे चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर अगस्त्यमुनि क्षेत्र के डांगी पठालीधार गांव में बाल विवाह की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र के निर्देशन में गठित संयुक्त टीम तत्काल सक्रिय हो गई। टीम में चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल कल्याण समिति एवं पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल थे।
शुक्रवार प्रातः लगभग 11 बजे टीम गांव पहुंची, जहां एक नाबालिग बालिका की सगाई क्यार्क बरसूड़ी में संपन्न कराए जाने की तैयारी चल रही थी। मौके पर अधिकारियों ने वर एवं वधु पक्ष को बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है तथा इसमें शामिल दोनों पक्षों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों द्वारा की गई समझाइश, परामर्श एवं काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों ने सहमति व्यक्त की कि बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही उसकी सगाई एवं विवाह किया जाएगा। प्रशासन की सक्रियता से प्रस्तावित सगाई को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया गया। इस कार्रवाई में चाइल्ड हेल्पलाइन की काउंसलर पूजा भंडारी, केस वर्कर अखिलेश सिंह, जिला बाल कल्याण समिति की सदस्य गीता मलासी, पुलिस विभाग से चैकी प्रभारी भोपाल सिंह एवं कांस्टेबल विनय कोठारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह जैसी गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।


रुद्रप्रयाग में बाल विवाह पर









