Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

सूरज प्रयाग में हुआ ‘समुद्र मंथन’, मां चंडिका देवरा यात्रा के दौरान जीवंत हुई पौराणिक परंपरा, हजारों श्रद्धालु बने साक्षी

दस्तक पहाड न्यूज तिलवाड़ा।। रुद्रप्रयाग जनपद के पवित्र सूरज प्रयाग संगम क्षेत्र में आज आस्था, परंपरा और लोकविश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब फलासी गांव की मां चंडिका की देवरा यात्रा के दौरान समुद्र मंथन की प्राचीन धार्मिक परंपरा विधिवत रूप से संपन्न की गई। यह विशेष अनुष्ठान मंदाकिनी और लस्तर गंगा के पावन संगम पर स्थित लटा बाबा मंदिर परिसर के समीप आयोजित हुआ, जहाँ हजारों श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बने। वही समुद्र मंथन से कुछ समय पहले नाग ने दिए साक्षात् दर्शन दिए।करीब 25 वर्षों बाद देवरा बन्याथ के अवसर पर निकली मां चंडिका की इस यात्रा में समुद्र मंथन की परंपरा ने धार्मिक उत्साह को चरम पर पहुँचा दिया। मान्यता है कि इस अनुष्ठान के दौरान मां भगवती की ब्रह्म शक्ति के माध्यम से समुद्र मंथन किया जाता है, जिससे ‘14 रत्नों’ की उत्पत्ति मानी जाती है। अनुष्ठान के उपरांत मंथन से प्रकट अमृत स्वरूप प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया गया, जिसे अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है।इस पावन विधि का संचालन ब्रह्मगुरु पंडित जगदंबा प्रसाद बेंजवाल द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से किया गया। इस अवसर मां चण्डिका तुंगनाथ जी के मुख्य पुजारी आचार्य त्रिलोचन प्रसाद भट्ट, सत्येंद्र भट्ट और ओम भट्ट द्वारा मां भगवती चण्डिका की विशेष पूजा और स्तवन किया गया।

कार्यक्रम में श्री तुंगनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मानवीरेंद्र बर्त्वाल, प्रबंधक रणजीत सिंह नेगी, पूर्ण सिंह खत्री, कोषाध्यक्ष यशवंत सिंह नेगी, उपाध्यक्ष कैप्टन दलवीर सिंह राणा,सत्ये सिंह नेगी,धीर सिंह झिंक्वाण, द्योकण्डी के वीर सिंह नेगी सहित पंचकोटी क्षेत्र के खाली खमोली, तड़ाग, उर्खोली, बछनी, भट्टवाड़ी, मलाऊ, फलासी, गडिल, छतोरा, कौल्लू, भन्नू , कुण्डा,  दानकोट , जाखणी समेत आसपास के विभिन्न गांवों से आए दस हजार से अधिक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Advertisement Box

पौराणिक संदर्भ से जुड़ी है परंपरा : समुद्र मंथन की यह परंपरा पुराणों में वर्णित देव–असुर संग्राम की कथा से प्रेरित है। कथा के अनुसार अमृत प्राप्ति के लिए देवताओं और असुरों ने मंदराचल पर्वत को मथानी और वासुकी नाग को रस्सी बनाकर क्षीर सागर का मंथन किया था। इस मंथन से 14 रत्न प्रकट हुए थे और अंत में भगवान विष्णु ने मोहिनी अवतार लेकर अमृत का वितरण किया था। सूरज प्रयाग में संपन्न यह अनुष्ठान उसी दिव्य घटना की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनरावृत्ति माना जाता है।

इस अवसर पर ब्रह्मकोटी बेंजी से आचार्य कैलाश बेंजवाल, प्रवीण बेंजवाल, दिनेश चंद्र बेंजवाल, संदीप बेंजवाल, दीपक बेंजवाल, देवेंद्र बेंजवाल, कृष्णा बेंजवाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। वहीं पंचकोटी समिति के पदाधिकारी और सदस्य , पोतीदार भीमसिंह, बृजमोहन सिंह रावत ने भी अनुष्ठान में सहभागिता की। श्रद्धालुओं के अनुसार, इस तरह की परंपराएं केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का माध्यम भी हैं। सूरज प्रयाग का यह आयोजन क्षेत्र की सामूहिक आस्था, एकजुटता और लोकसंस्कृति की गहरी जड़ों को दर्शाता है। समुद्र मंथन के उपरांत मां चण्डिका आज प्रवास के लिए तिलवाड़ा के मठियाणा गाँव स्थित प्राचीन साणेश्वर महाराज मन्दिर पहुंची। शुक्रवार को मां की देवरा यात्रा नारी गाँव स्थित प्राचीन मां चण्डिका तुंगनाथ मंदिर पहुंचेगी।

अग्निवीरों के लिए उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ से जवानों को मिलेगा रोजगार
आज फोकस में

अग्निवीरों के लिए उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ से जवानों को मिलेगा रोजगार

रुद्रप्रयाग के अर्णव शौर्य बिष्ट ने हासिल की बड़ी उपलब्धि IIT मुंबई से PhD पूरी कर GlobalFoundries सिंगापुर में इलेक्ट्रॉनिक्स साइंटिस्ट के पद पर चयन, एक करोड़ रुपये का वार्षिक पैकेज
आज फोकस में

रुद्रप्रयाग के अर्णव शौर्य बिष्ट ने हासिल की बड़ी उपलब्धि IIT मुंबई से PhD पूरी कर GlobalFoundries सिंगापुर में इलेक्ट्रॉनिक्स साइंटिस्ट के पद पर चयन, एक करोड़ रुपये का वार्षिक पैकेज

300 चीनी सैनिकों को अकेले मार गिराया था भारत के जांबाज वीर जसवंत सिंह रावत ने, 72 घंटे भूखे-प्यासे डटा रहा था मौर्चे पर, उत्तराखण्ड की माटी में हुआ जन्म
आज फोकस में

300 चीनी सैनिकों को अकेले मार गिराया था भारत के जांबाज वीर जसवंत सिंह रावत ने, 72 घंटे भूखे-प्यासे डटा रहा था मौर्चे पर, उत्तराखण्ड की माटी में हुआ जन्म

चीनी की मिठास हुई फीकी, 65 रुपये किलो पहुंचा भाव, दबे पांव बढ़ रही महंगाई से आम जीना होगा कठिन
आज फोकस में

चीनी की मिठास हुई फीकी, 65 रुपये किलो पहुंचा भाव, दबे पांव बढ़ रही महंगाई से आम जीना होगा कठिन

टीएचडीसी टनल रेस्क्यू अभियान पूर्ण, सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाला गया,लगभग 117 घंटे चले अभियान में 12 श्रमिकों को सकुशल रेस्क्यू किया गया, 10 श्रमिकों की हुई दुखद मृत्यु
आज फोकस में

टीएचडीसी टनल रेस्क्यू अभियान पूर्ण, सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाला गया,लगभग 117 घंटे चले अभियान में 12 श्रमिकों को सकुशल रेस्क्यू किया गया, 10 श्रमिकों की हुई दुखद मृत्यु

संस्कृति और रंगकर्म के पुरोधा प्रो. दाता राम पुरोहित को मिलेगा इन्द्रमणि बडोनी सम्मान, बहुत बहुत बधाई
आज फोकस में

संस्कृति और रंगकर्म के पुरोधा प्रो. दाता राम पुरोहित को मिलेगा इन्द्रमणि बडोनी सम्मान, बहुत बहुत बधाई

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

बुधवार, 26 अगस्त 2026

आज का सुविचार

ईमानदारी एक महंगा शौक है जिसे हर कोई वहन नहीं कर सकता। इसे निभाने के लिए आत्मबल और साहस की आवश्यकता होती है, जो कमजोर चरित्र वालों के पास नहीं होता।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

[news_reels]
WhatsApp