दीपक बेंजवाल/ दस्तक पहाड़ न्यूज अगस्त्यमुनि।। जनपद रुद्रप्रयाग के सिरवा (परकण्डी) क्षेत्र के होनहार युवा प्रतीक सेमवाल के भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। प्रतीक की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरी केदारघाटी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनकी सफलता से क्षेत्र के युवाओं को भी देशसेवा के लिए प्रेरणा मिल रही है।
प्रतीक के पिता राकेश सेमवाल बदरी-केदार मंदिर समिति में कार्यरत हैं, जबकि माता श्रीमती मीना सेमवाल शिक्षिका हैं। प्रतीक ने ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय से बी०टेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय सेना में जाने का लक्ष्य तय किया और कड़ी मेहनत व लगन से अपने सपने को साकार कर दिखाया।प्रतीक के पिता राकेश सेमवाल का कहना है कि बचपन से ही प्रतीक का सपना भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करना था। उन्होंने बताया कि बेटे ने अपने लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर मेहनत की और आज उसकी मेहनत रंग लाई है।राकेश सेमवाल के सहपाठी माधव सिंह नेगी ने बताया कि राकेश सेमवाल और उनकी धर्मपत्नी मीना सेमवाल दोनों ही अत्यंत सरल और विनम्र स्वभाव के हैं। उन्होंने कहा कि प्रतीक की सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। परिवार की बुजुर्ग सदस्य श्रीमती राजेश्वरी दुमागा भी इस उपलब्धि से बेहद प्रसन्न हैं। प्रतीक सेमवाल की इस सफलता पर न केवल उनके परिवार में बल्कि पूरे रुद्रप्रयाग जनपद और केदारघाटी में खुशी का माहौल है। क्षेत्र के लोग उन्हें बधाई देते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बता रहे हैं कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।











