दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमूनी।। आज के दौर में जहां खोया हुआ सामान वापस मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जाता, वहीं अगस्त्यमुनि में ईमानदारी की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, नागपुर महाराष्ट्र निवासी एवं अध्यापक गणेश सेवक का मोबाइल फोन दिनांक 10 मई 2026 की रात लगभग 9 बजे अंजली मेडिकोज अगस्त्यमुनि में छूट गया था। मोबाइल में जनगणना से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे, जिससे फोन स्वामी काफी चिंतित थे। मोबाइल मिलने के बाद जे.पी. सकलानी जी ने उसे सुरक्षित रखते हुए व्यापार संघ अध्यक्ष त्रिभुवन नेगी के पास जमा कराया। वहीं त्रिभुवन नेगी द्वारा फोन स्वामी से संपर्क कर उन्हें आश्वस्त किया गया कि उनका मोबाइल पूरी तरह सुरक्षित है और यात्रा सकुशल पूरी करने के बाद वे आकर अपना फोन ले सकते हैं। इसके बाद आज 13 मई 2026 को, पूरे चार दिन बाद व्यापार संघ अध्यक्ष द्वारा मोबाइल फोन सही सलामत उसके मालिक गणेश सेवक को वापस सौंप दिया गया। फोन स्वामी गणेश सेवक ने स्थानीय लोगों की ईमानदारी और सहयोग भावना की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पहाड़ की संस्कृति आज भी विश्वास, मानवता और ईमानदारी की मिसाल बनी हुई है।


चार दिन बाद सही सलामत









