दीपक बेंजवाल / दस्तक पहाड़ न्यूज अगस्त्यमुनि।। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) से जुड़े आरटीआई विवाद में अब केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल का बयान भी सामने आया है। विधायक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि कुछ लोग उन्हें और केदारनाथ धाम को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। मन्दाकिनी ब्लॉक सभागार में विधायक निधि कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत में आशा नौटियाल ने कहा कि वह वर्ष 2002 से लगातार जनप्रतिनिधि रही हैं और इस नाते उनका कई बार केदारनाथ धाम जाना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी किसी प्रकार का प्रोटोकॉल नहीं मांगा और हमेशा व्यक्तिगत रूप से ही धाम में रुकी हैं। उन्होंने कहा, “मेरे नाम से जो भी बिल काटे गए हैं, वह किसने और क्यों काटे, इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सच सामने आना चाहिए।” विधायक ने कहा कि केदारनाथ धाम आस्था और श्रद्धा का केंद्र है, यहां राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर साल लाखों श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं और मंदिर समिति यात्रियों एवं अतिथियों का सम्मान करती है, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर धाम की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
क्या है पूरा BKTC RTI विवाद ?
दरअसल सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर बीकेटीसी पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। नेगी का आरोप है कि यात्राकाल के दौरान श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे की राशि का इस्तेमाल भाजपा और संघ से जुड़े नेताओं, उनके परिजनों तथा “विशेष अतिथियों” की आवभगत में किया गया। आरोपों के अनुसार आवास, भोजन और हेलीकॉप्टर टिकटों पर लाखों रुपये खर्च किए गए। RTI दस्तावेजों का हवाला देते हुए नेगी ने दावा किया कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की पुत्री नेहा जोशी के दो दिन के ठहराव और भोजन पर करीब 60 हजार रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल सहित कई जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और अन्य विशेष मेहमानों के आवास एवं सुविधाओं का भुगतान भी मंदिर समिति द्वारा किए जाने का आरोप लगाया गया है। नेगी ने यह भी आरोप लगाया कि बीकेटीसी अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के अतिथियों के हेलीकॉप्टर टिकटों का खर्च भी मंदिर कोष से वहन किया गया। उन्होंने इसे “आस्था के धन का दुरुपयोग” बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी का कहना है कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं और मंदिर कोष का उपयोग केवल धामों की व्यवस्था, यात्रियों की सुविधाओं तथा धार्मिक कार्यों में ही होना चाहिए। गौरतलब है कि इससे पहले भी विकेश सिंह नेगी RTI के जरिए बीकेटीसी में कथित वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक गड़बड़ियों को लेकर कई खुलासे कर चुके हैं। अब इस नए विवाद के बाद मंदिर समिति की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।











