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अगस्त्यमुनि मरीन ड्राइव की लाइटें तोड़ने वाले “सिरफरे” पर सवाल, आखिर पुलिस कब करेगी कार्रवाई ?

दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि। नगर पंचायत अगस्त्यमुनि क्षेत्र के पुराना देवल स्थित मरीन ड्राइव पर लगी छह स्ट्रीट लाइटों को तोड़कर मंदाकिनी नदी में फेंकने की घटना के बाद क्षेत्र में नाराजगी और चिंता का माहौल है। घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद होने के बावजूद अब तक किसी की गिरफ्तारी न होने से लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। क्षेत्र में चर्चा है कि एक कथित “सिरफरा” पहले भी कई बार सरकारी और गैर-सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा चुका है। पुराना देवल पार्किंग क्षेत्र में खड़ी कई गाड़ियों के शीशे तोड़े जाने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन आज तक इन मामलों में किसी संदिग्ध के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि पुराना देवल के समीप निर्माणाधीन मार्ग की रेलिंग को भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उखाड़कर फेंक दिया गया हालांकि इन घटनाओं को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं हैं, लेकिन कथित रसूख और प्रभाव के चलते लोग खुलकर किसी का नाम लेने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे तत्वों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना या गंभीर नुकसान भी हो सकता है। लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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इस पूरे मामले पर नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोस्वामी ने कहा कि नगर पंचायत की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत द्वारा कोतवाली अगस्त्यमुनि में विधिवत शिकायत दर्ज करा दी गई है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

वहीं कोतवाली अगस्त्यमुनि का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है और जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

फिलहाल क्षेत्र में चर्चा का विषय यही है कि बार-बार सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर आखिर कब लगाम लगेगी और क्या इस बार जांच किसी नतीजे तक पहुंच पाएगी।


(नोट: समाचार में वर्णित कुछ दावे स्थानीय लोगों की चर्चाओं और आशंकाओं पर आधारित हैं। किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही मानी जाएगी।)

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