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अगस्त्यमुनि में केतन हत्याकांड को लेकर कैंडल मार्च, दोषियों को फांसी देने की उठी मांग

दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि ।। टिहरी गढ़वाल जनपद के प्रतापनगर क्षेत्र के देवल गांव निवासी केतन लाल की निर्मम हत्या के विरोध में शनिवार शाम अगस्त्यमुनि में बामसेफ एवं वैचारिक महासभा के तत्वावधान में कैंडल मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने पुराने देवल से अगस्त्यमुनि पुलिस चौकी तक मार्च निकालकर केतन लाल को न्याय दिलाने और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की।

इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता विजय बैरवाण ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में दलित समाज ने ढोल-दमाऊ बजाकर और संघर्ष में अग्रिम भूमिका निभाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन आज राज्य में दलित समाज को हाशिए पर धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि केतन लाल हत्याकांड में पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

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पूर्व जिला पंचायत सदस्य दीपा देवी आर्य ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा, “हम हिन्दू हैं, हम मूल निवासी हैं और हमें न्याय चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में समाज को जातीय आधार पर बांटने का प्रयास कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

जिला पंचायत सदस्य विमला देवी ने कहा कि केतन लाल की नृशंस हत्या पूरे समाज को झकझोर देने वाली घटना है। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी पीड़ित परिवार के साथ अन्याय होगा। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि समाज न्याय चाहता है और जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, आवाज उठती रहेगी।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुलोचना देवी मंगवाल ने कहा कि केतन लाल की हत्या केवल एक परिवार पर नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनाओं पर हमला है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी इस तरह का जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक समाज की आवाज बुलंद होती रहेगी।

सामाजिक कार्यकर्ता मनोज तिनसोला ने कहा कि केतन हत्याकांड पर सरकार के साथ-साथ विपक्ष भी मौन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस स्वयं को दलित समाज का समर्थक बताती है, लेकिन इस मामले में कांग्रेस के नेता भी चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा, “हम न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। आज का यह कैंडल मार्च सरकार को उजाला दिखाने के लिए है। यदि सरकार आरोपियों को कठोर सजा नहीं दिलाती है तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि समाज अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि न्याय चाहता है।

कैंडल मार्च में वैचारिक महासभा के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर विजय बैरवाण, विजय भारती, कमल टम्टा, जिला पंचायत सदस्य विमला देवी, मनोज तिनसोला, दीपा देवी आर्य, सुलोचना देवी, भुवनेश्वरी चंदानी, गोपाल भारती, अजय कुमार, धीरज श्रीकोटी, संतोष काला, वीरपाल परसवान सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि केतन हत्याकांड के दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए तथा उन्हें फांसी की सजा दी जाए, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

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