दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग।। भरदार क्षेत्र को सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। सौराखाल भरदार में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने बुधवार को पीएमजीएसवाई के तहत तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जबकि एक सड़क के अपग्रेडेशन एवं डामरीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इन चारों परियोजनाओं की कुल लागत ₹65 करोड़ से अधिक है। विकासखंड जखोली में जवाड़ी बाईपास से मल्यासु-कोटली-बांसी मोटर मार्ग का शिलान्यास किया गया। 14.925 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर ₹24.95 करोड़ की लागत आएगी। वहीं वीराणगांव-जाखाल मोटर मार्ग की 8.025 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए ₹12.63 करोड़ स्वीकृत हैं।
इसके अलावा तिलवाड़ा-सौराखाल मोटर मार्ग के किमी-8 से अन्द्रीया डांग (घेंघड़) मोटर मार्ग का भी शिलान्यास किया गया। 4.85 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर ₹7.77 करोड़ खर्च होंगे। कार्यक्रम के दौरान बड़ियारगढ़-धौढंगी से सौराखाल मोटर मार्ग के अपग्रेडेशन एवं डामरीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया गया। 13.52 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर ₹12.21 करोड़ की लागत आई है।
भरदार में विकास कार्यों को दी जा रही प्राथमिकता
कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि भरदार क्षेत्र के विकास को सरकार प्राथमिकता दे रही है। सड़क, पेयजल, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में भरदार क्षेत्र के विकास के लिए ₹232 करोड़ से अधिक की योजनाएं स्वीकृत एवं संचालित की गई हैं। इनमें अधिकांश योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष योजनाओं पर कार्य जारी है।उन्होंने बताया कि सेमलता-डूंगरा-कफना मोटर पुल के निर्माण के लिए ₹6.32 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं और जल्द ही पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा। पुल बनने से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।वहीं सौंदा-क्वीलाखाल पेयजल योजना को लेकर मंत्री ने बताया कि वन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण योजना का कार्य रुका हुआ था। अब वन स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और जल्द ही योजना का कार्य शुरू किया जाएगा।उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को मजबूत कर ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कपरवान, वाचस्पति सेमवाल सहित कई लोग मौजूद रहे।











