दस्तक पहाड न्यूज ऊखीमठ। ऊखीमठ क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात मिली है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ऊखीमठ को आवश्यक चिकित्सकीय एवं अन्य पदों के सृजन के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के रूप में उच्चीकृत किए जाने का शासनादेश जारी हो गया है।
ऊखीमठ में स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण की मांग को लेकर क्षेत्रीय जनता बीते 27 दिनों से हड़ताल पर बैठी थी। आंदोलन को बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों का समर्थन मिला था। लगातार चले इस आंदोलन के बीच शासनादेश जारी होने के बाद क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग पूरी हो गई है।
केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप यह शासनादेश जारी हुआ है। विधायक ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का आभार व्यक्त किया है।
विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि विगत 18 सितंबर को तहसील परिसर में क्षेत्रवासियों के बीच उन्होंने एक माह के भीतर ऊखीमठ पीएचसी के उच्चीकरण का शासनादेश जारी करवाने का आश्वासन दिया था। अब शासनादेश जारी होने के साथ ही क्षेत्रवासियों से किया गया वह वादा पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि ऊखीमठ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिलने से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। आवश्यक चिकित्सकीय एवं अन्य पदों के सृजन से स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और गंभीर मामलों में मरीजों को अन्य स्थानों पर जाने की परेशानी भी कम होने की उम्मीद है। विधायक ने कहा कि जनभावनाओं और क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि जनता का विश्वास, सहयोग और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
27 दिनों तक चले आंदोलन और स्थानीय जनता के व्यापक समर्थन के बाद शासनादेश जारी होने से ऊखीमठ क्षेत्र में खुशी का माहौल है।



27 दिन के आंदोलन के







