दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि। स्वच्छता के नाम पर राष्ट्रीय सम्मान पाने वाली नगर पंचायत अगस्त्यमुनि की जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है। नगर के वार्ड 05 और 06 से घरों की नालियों का गंदा पानी सीधे मंदाकिनी नदी में गिर रहा है, लेकिन जिम्मेदार तंत्र अब तक मूकदर्शक बना हुआ है।इस गंभीर मुद्दे को लेकर नगर उद्योग व्यापार मंडल ने नगर पंचायत अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। व्यापार संघ अध्यक्ष त्रिभुवन नेगी ने कहा कि नालियों की समुचित निकासी व्यवस्था न होने से दूषित पानी बिना किसी उपचार के नदी में जा रहा है। बरसात के मौसम में हालात और बदतर हो जाते हैं तथा गंदगी का तेज बहाव नदी को प्रदूषित कर रहा है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मंदाकिनी जैसी आस्था और जीवनदायिनी नदी को सीवर लाइन में बदलते देखना बेहद चिंताजनक है। सवाल उठ रहा है कि जब समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो अब तक स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया?
व्यापार मंडल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने वाली नगर पंचायत की यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है। नगर की गरिमा पर दाग लग रहा है और जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।मंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह मामला जनस्वास्थ्य, पर्यावरण और नगर की प्रतिष्ठा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन सकता है।











