दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की कार्यशैली पर केदारघाटी में गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अगस्त्यमुनि के नजदीक बहुचर्चित किराये की सड़क के नजदीक नदी तटबंध/सड़क बनाने का काम कर रहा ठेकेदार सड़क का बेस खोदकर तरणताल बनाकर भाग गया है। जल्दी काम शुरू नहीं हुआ तो जवाहरनगर कस्बा और गंगानगर पुल दोनों खतरे में है।
अगस्त्यमुनि क्षेत्र में जवाहरनगर बस्ती के पास सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से स्थानीय लोगों में भारी चिंता व्याप्त है। पुल के पास सड़क का बेस खोदकर बड़ा गड्ढा कर दिया गया है, जो अब बरसात से पहले ही खतरे का रूप लेता नजर आ रहा है। यह स्थान रुद्रप्रयाग–गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। जवाहरनगर बस्ती के किनारे ही जनपद का प्रमुख शिक्षण संस्थान राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि भी स्थित है, जहां पूरे जिले से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ने आते हैं। ऐसे में पुल के पास बनाया गया गड्ढा और अधूरा निर्माण कार्य छात्रों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार बीते कई वर्षों से बरसात के दौरान इसी स्थान पर मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल की एप्रोच वॉल बह जाती है। विभाग हर बार अस्थायी दीवार खड़ी कर कामचलाऊ व्यवस्था कर देता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। सारे साल भर चुप्प बैठने के बाद इस बार बरसात से करीब दो माह पहले पुल के पास सड़क का बेस खोद दिया गया, लेकिन उसके बाद काम ठप पड़ गया। क्षेत्र में चर्चा है कि निर्माण कार्य कर रहा ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर चला गया है।
जवाहरनगर निवासी गंगाराम भट्ट, महिधर प्रसाद भट्ट, रामेश्वरी देवी और अनीता रावत ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि 2013 केदारनाथ आपदा में जवाहरनगर क्षेत्र पहले ही भारी नुकसान झेल चुका है और अब विभाग व ठेकेदार की लापरवाही एक बार फिर लोगों के जीवन और संपत्ति पर संकट खड़ा कर रही है। वहीं राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि छात्र संघ ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। छात्र संघ का कहना है कि महाविद्यालय के पास इस तरह का अधूरा निर्माण और बड़ा गड्ढा छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है, इसलिए महाविद्यालय और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि इस अधूरे कार्य के कारण बरसात में जवाहरनगर बस्ती को कोई नुकसान होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की होगी।
सवाल उठाने पर एनएच के अधिकारी पत्रकारों को देते है नोटिस –
मानकों और लापरवाही पर सवाल उठाने पर एनएच के अधिकारी पत्रकारों को नोटिस देकर अपनी नाकामी से पल्ला झाड़ने की कोशिश भी करते हैं। दरअसल, इन निर्माण कार्यों में बड़े खेल की आशंका भी लगातार सामने आ रही है। ठेकेदार कौन है, टेंडर किसके नाम से हुआ और वास्तविक काम कौन कर रहा है—इन सभी पहलुओं में भारी गोलमाल की चर्चा है। ऐसे में जब पारदर्शिता ही सवालों के घेरे में हो, तो निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर संदेह उठना स्वाभाविक है।
(दस्तक पहाड़ न्यूज)


गंगानगर पुल के पास गड्ढा









