दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि। चारधाम यात्रा मार्ग के संवेदनशील एवं चुनौतीपूर्ण हिमालयी क्षेत्रों में लगातार खोज एवं बचाव कार्यों में जुटी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने त्रियुगीनारायण राजकीय इंटर कॉलेज में स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम एवं पौधारोपण अभियान आयोजित किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
एनडीआरएफ यूनिट के कमांडेंट संतोष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने छात्रों को आपदा के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों एवं जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में सीपीआर, एफबीएओ, बीएलएस, ब्लीडिंग कंट्रोल, इम्प्रोवाइज्ड फ्लोटिंग डिवाइस सहित भूकंप, भूस्खलन और आकस्मिक बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यक्रम के बाद विद्यालय की प्रधानाचार्या सुलोचना नेगी, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति में पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान देवदार, बुरांस, तेजपत्ता, टूना, आंवला, रोबानिया और रीठा सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तराखंड का संदेश दिया गया।एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अधिकारियों ने कहा कि बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा जागरूकता आज की बड़ी आवश्यकता बन गई है। इस प्रकार की “ग्रीन इनिशिएटिव” गतिविधियों से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को भी आपदाओं से निपटने के लिए सक्षम और जागरूक बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर सहायक सेनानी दीपक भट्ट, निरीक्षक अमृत लाल मीणा, उप निरीक्षक संजय भट्ट, एसडीआरएफ उप निरीक्षक आशीष डिमरी, हवलदार महेश कुमार सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ तथा विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों में आपदा सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचा।











