दस्तक पहाड न्यूज ऊखीमठ।। विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट आगामी 11 नवंबर 2026 को प्रातः 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने की तिथि और समय की घोषणा ऊखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर में विधि-विधान एवं धार्मिक परंपराओं के अनुसार की गई। कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली परंपरागत यात्रा मार्ग से फाटा और गुप्तकाशी होते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी। डोली प्रभारी डीएस भुजवाण ने बताया कि 11 नवंबर को सुबह 8:30 बजे बाबा केदार के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।
ऊखीमठ में होंगे बाबा केदार के दर्शन
केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की शीतकालीन पूजा-अर्चना ऊखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर में संपन्न होगी। इस दौरान श्रद्धालु ऊखीमठ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर सकेंगे।केदारनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली का शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचना सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कपाट बंद होने के साथ ही केदारनाथ धाम की वार्षिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो जाएगा, जबकि शीतकाल में बाबा केदार की पूजा-अर्चना ऊखीमठ में निरंतर जारी रहेगी।
6 नवंबर को तुंगनाथ और 16 नवंबर को मध्यमहेश्वर के कपाट होंगे बंद
पंचकेदारों में शामिल तृतीय केदार श्री तुंगनाथ धाम के कपाट 6 नवंबर तथा द्वितीय केदार श्री मध्यमहेश्वर धाम के कपाट 16 नवंबर को विधि-विधान एवं परंपरानुसार शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।इस प्रकार नवंबर में पंचकेदारों के प्रमुख धामों के कपाट बंद होने के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में शीतकालीन धार्मिक परंपराओं का क्रम शुरू हो जाएगा।










