दस्तक पहाड न्यूज केदारनाथ।।केदारनाथ मंदिर परिसर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मंदिर क्षेत्र में एक फर्जी दानपात्र (Donation Box) मिलने से हड़कंप मच गया। आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में शामिल इस पवित्र धाम में इस तरह की घटना ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाया है।बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर के आसपास एक ऐसा दानपात्र रखा गया था, जो आधिकारिक रूप से अधिकृत नहीं था। प्रथम दृष्टया यह किसी अज्ञात व्यक्ति या गिरोह की साजिश प्रतीत हो रही है, जो श्रद्धालुओं की आस्था का फायदा उठाकर अवैध रूप से धन एकत्रित कर रहा था।मंदिर प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता के चलते इस फर्जी दानपात्र का भंडाफोड़ हुआ। नियमित जांच और निगरानी के दौरान जब इस संदिग्ध दानपात्र पर ध्यान गया, तो जांच करने पर मामला सामने आया। इसके बाद तुरंत उसे हटाकर कब्जे में ले लिया गया।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर के आसपास एक ऐसा दानपात्र रखा गया था, जो आधिकारिक रूप से अधिकृत नहीं था। प्रथम दृष्टया यह किसी अज्ञात व्यक्ति या गिरोह की साजिश प्रतीत हो रही है, जो श्रद्धालुओं की आस्था का फायदा उठाकर अवैध रूप से धन एकत्रित कर रहा था।
जिलाधिकारी द्वारा हेली सेवा के माध्यम से धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए केदारनाथ स्थित हेलीपैड का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने हेली सेवाओं के संचालन, यात्रियों की आवाजाही, सुरक्षा प्रबंधन एवं अन्य व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। हेलीपैड पर जिलाधिकारी के अचानक पहुंचने पर वहां मौजूद श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस दौरान जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से सीधे संवाद स्थापित कर हेली सेवा, बाबा केदार के दर्शन व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं को लेकर उनका फीडबैक एवं सुझाव प्राप्त किए। श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं के साथ आत्मीयता दिखाते हुए बाबा केदार का प्रसाद भी ग्रहण किया, जिससे श्रद्धालुओं में सकारात्मक संदेश गया। वहीं, पूरे दिन चले औचक निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर में रखे गए एक फर्जी दानपात्र को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उक्त दानपात्र को बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के माध्यम से जब्त कराया गया। इस कार्रवाई से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा मार्ग एवं धाम क्षेत्र में सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखी जाएं तथा श्रद्धालुओं के साथ सौम्य एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा के दौरान प्राप्त हो रहे फीडबैक के आधार पर व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित एवं सुखद यात्रा अनुभव मिल सके।











