दस्तक पहाड़ न्यूज फलासी।। रुद्रप्रयाग जनपद के फलासी गांव स्थित माँ चण्डिका बन्याथ महायज्ञ में आज आठवें दिन भव्य जलकलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा। श्री तुंगेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह बर्त्वाल एवं सचिव पूर्ण सिंह खत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि पंचकोटि गांवों की 108 कन्याओं द्वारा पारंपरिक व धार्मिक विधि-विधान के साथ जलकलश यात्रा निकाली जाएगी।
पं त्रिलोकेश्वर प्रसाद बेंजवाल ने बताया कि जलयात्रा का विशेष धार्मिक महत्व होता है। यह यात्रा गंगा अवतरण का प्रतीक मानी जाती है, जिसमें पवित्र जल को कलशों में भरकर श्रद्धा और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ मंडप तक लाया जाता है। यात्रा में सबसे आगे चलने वाले मुख्य कलश को वर्द्धनी कलश कहा जाता है, जो सुख-समृद्धि और मंगल का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ग्यारह अन्य कलश, भगवान शिव, नाग देवता एवं विभिन्न देवी-देवताओं के प्रतीक भी शोभायात्रा में सम्मिलित रहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जलकलश यात्रा वातावरण की शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा के संचार और देव शक्तियों के आह्वान का माध्यम मानी जाती है। यज्ञ में प्रयुक्त पवित्र जल को जीवन, आस्था और प्रकृति के संतुलन का प्रतीक माना जाता है। कन्याओं द्वारा जलकलश धारण करना देवी शक्ति और पवित्रता का स्वरूप माना जाता है।
समिति पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की है। फलासी गांव में 25 वर्षों बाद आयोजित हो रहे इस भव्य माँ चण्डिका बन्याथ महायज्ञ को लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह बना हुआ है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।











