दस्तक पहाड़ न्यूज चोपता।। रुद्रप्रयाग जनपद की नागपुर पट्टी स्थित फलासी गांव में आयोजित मां चंडीका बन्याथ महायज्ञ के चौथे दिन रिमझिम बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। करीब 25 वर्षों बाद आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन में मां चंडीका के दर्शन के लिए जिले के विभिन्न गांवों के साथ-साथ देश-विदेश में रह रहे प्रवासी भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
महायज्ञ के आचार्य पंडित चंद्र मोहन वशिष्ठ ने बताया कि आयुत होम में 10 हजार मंत्रों से आहुतियां दी जाती हैं, जिनमें चौथे दिन तक 3200 मंत्रों की आहुति दी जा चुकी है। आयुत होम में ईष्ट मां चंडीका, आराध्य देव श्री तुंगनाथ जी सहित इंद्र, दुर्गा, शिव, लक्ष्मी और गायत्री के नाम से आहुतियां अर्पित की जा रही हैं।श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए श्री तुंगेश्वर मंदिर समिति द्वारा भोजन, पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। बाबा डमरूधारी सेवा मंडली द्वारा निशुल्क प्याऊ तथा महिला मंगल दल फलासी द्वारा व्यवस्थाओं में सराहनीय सहयोग दिया जा रहा है। जाखाणी ग्राम के मैतीजनों द्वारा प्रतिदिन शीरा-बौट का आयोजन भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
प्रातःकाल से ही धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हो जाते हैं। सुबह भगवान श्री तुंगनाथ जी के विग्रह का पूजन पंडित चंद्र प्रकाश बेंजवाल एवं मां चंडिका के मुख्य पुजारी पंडित त्रिलोचन भट्ट द्वारा किया गया। इसके पश्चात भद्र मंडप में आचार्य अनिल बेंजवाल, आचार्य संतोष बेंजवाल, आचार्य कैलाश बेंजवाल एवं आचार्य दिनेश बेंजवाल द्वारा देवी-देवताओं की पंचांग पूजा संपन्न कराई गई।
श्री तुंगनाथ मंदिर में आचार्य विजय बेंजवाल के साथ ब्राह्मणों द्वारा नियमित यज्ञ किया जा रहा है। मध्याह्न में ब्रह्मगुरु पंडित जगदम्बा प्रसाद बेंजवाल द्वारा ब्रह्मशक्ति जागरण किया गया। इसके उपरांत मां चंडिका यज्ञ मण्डप और भद्र मंडप में गई। सायंकाल जगनपुरुष की बारात निकाली जाती है तथा सायंकाल में यज्ञ आहुतियों के बाद भव्य आरती संपन्न होती है।
7 मई को जलयात्रा, 8 मई को पूर्णाहुति : श्री तुंगेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह बर्त्वाल ने बताया कि 7 मई को भव्य जलयात्रा और 8 मई को महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी। उन्होंने बताया कि 4 मई (सोमवार) को प्रातः 10 बजे से फलासी गांव में ग्राफिक एरा अस्पताल द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें निशुल्क चिकित्सा परामर्श, खून की जांच एवं दवा वितरण किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से शिविर का लाभ उठाने की अपील की।
इस महा आयोजन में पंचकोटी क्षेत्र के 16 गांव—फलासी, छतोरा, गडिल, मलाऊ, कुण्डा-दाणकोट, जाखणी, क्यूड़ी-काण्डा, कोल्लू, भनू, तड़ाग, बडोनी, उर्खोली, खालि, भट्टवाड़ी सहित अन्य गांवों के लोग सक्रिय सहयोग दे रहे हैं।इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष दलवीर सिंह राणा, प्रबंधक कल्याण सिंह नेगी, सचिव पूर्ण सिंह खत्री, सहसचिव मगन सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष यशवंत सिंह नेगी, उपकोषाध्यक्ष सते सिंह नेगी, सदस्य रणजीत सिंह करासी, कुंवर सिंह करासी एवं यशपाल सिंह रावत सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।महायज्ञ में ब्रह्मा पंडित त्रिलोकेश्वर प्रसाद बेंजवाल, मदन मोहन बेंजवाल, अरुण बेंजवाल, प्रवीण प्रकाश बेंजवाल, चंद्र प्रकाश बेंजवाल, मनीष बेंजवाल, अरविन्द बेंजवाल, पवन बेंजवाल, देवेंद्र बेंजवाल, दीपक बेंजवाल, पश्चिम चरण में पं सुधीर नौटियाल, राकेश नौटियाल एवं सुखदेव नौटियाल, आचार्य चरण में पं शशिकांत वशिष्ठ, मुकेश वशिष्ठ, आशुतोष वशिष्ठ, अंशुल वशिष्ठ तथा अन्नपूर्णा चरण में श्री आशुतोष भट्ट एवं श्री कालिका वशिष्ठ हैं।फलासी गांव में आयोजित यह महायज्ञ आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम बन गया है, जिसमें प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।












