दस्तक पहाड न्यूज दिल्ली।। पीएम मोदी ने हाल ही में तेल और गैस बचाने की अपील लोगों से की थी। इसी के साथ सरकार अब इंडक्शन स्टोव पर महाअभियान छेड़ने की तैयारी में है। दरअसल सरकार EESL से चाहती है कि वह LED लाइट्स के लिए चलाए कैंपेन की तरह ही कुछ इंडक्शन चूल्हों के लिए भी करे। रिपोर्ट्स के मुताबिक EESL 2 लाख इंडक्शन चूल्हों का टेंडर निकाल चुकी है और आने वाले समय में 60-80 लाख यूनिट्स खरीदे जाने की उम्मीद है। यह सब खाड़ी देशों में मची उथल-पुथल के चलते हो रहा है।
हाल ही पीएम मोदी द्वारा तेल-गैस बचाने की अपील के साथ ही सरकार इंडक्शन चूल्हे पर महाअभियान छेड़ने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार का लक्ष्य लगभग 60 से 80 लाख इंडक्शन कुकटॉप खरीदना है। इन इंडक्शन चूल्हों को एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज (EESL) द्वारा चलाए जा रहे नेशनल एफिशिएंट कुकिंग प्रोग्राम (NECP) के तहत बांटा जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए सरकार टेंडर प्रक्रिया के जरिए इंडक्शन चूल्हा खरीदेगी।गौरतलब है कि EESL ने इससे पहले देश भर में LED लाइट्स के लिए बड़ा अभियान चलाया था। अब सरकार की इच्छा है कि ऐसी ही कुछ इंडक्शन चूल्हों के लिए भी किया जाए। ध्यान देने वाली बात है कि LED के लिए चलाए गए अभियान के तहत बल्क में खरीदारी करके एलईडी बल्बों की कीमत को 70-80% तक कम कर दिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा ही कुछ इंडक्शन चूल्हों के साथ भी होने की उम्मीद है, जिससे कि घर-घर में हाईटेक स्टोव देखने को मिल सकता है।रिपोर्ट्स के अनुसार EESL ने हाल ही में 2 लाख इंडक्शन स्टोव खरीदने के लिए एक टेंडर निकाला था। यह टेंडर इसी महीने की शुरुआत में बंद हुआ है। रिपोर्ट में कई बड़े ब्रांड्स के लिए इंडक्शन बनाने वाले एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर के सीईओ के हवाले से बताया गया है कि यह सिर्फ एक पायलेट टेंडर था। आने वाले समय में ऐसे कई टेंडर देखने को मिलेंगे।रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार चाहती है कि इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री आने वाले समय में बहुत बड़ी डिमांड के लिए तैयार रहे। बताया जा रहा है कि सरकार खुद इंडक्शन स्टोव के कई लाख यूनिट्स खरीदने की योजना बना रही है। रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया गया है कि आंकड़ा लगभग 60 से 80 लाख यूनिट्स तक पहुंच सकता है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक EESL के प्रवक्ता इस बात को कंफर्म कर चुके हैं कि 2 लाख इंडक्शन कुकटॉप्स के लिए टेंडर निकाला गया था।बता दें कि EESL अपने रिटेल प्लेटफॉर्म के जरिए इंडक्शन कुकटॉप बेचती है और इसके साथ ही बीएलडीसी फैन्स और एलईडी लाइट्स जैसे ऊर्जा-बचत करने वाले अन्य प्रोडक्ट्स भी सप्लाई कर रही है।
इस तैयारी की वजह क्या है?
दरअसल खाड़ी देशों में चल रहे विवाद के चलते कच्चे तेल और भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ा है। यही वजह है कि पिछले दिनों पीएम मोदी को तेल और गैस बचाने की अपील करनी पड़ी। इससे पहले से ही भारत सरकार घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को देश में ही इंडक्शन कुकटॉप्स का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है।रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलहाल देश में 45 दिनों का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार मैन्युफैक्चरर्स से कमर्शियल इस्तेमाल के लिए भी इलेक्ट्रिक कुकिंग अप्लायंसेज बनाने की संभावनाएं तलाशने को कह रही है।


LED बल्ब के बाद अब









