दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग।। जनपद रुद्रप्रयाग की ग्राम सभा शिवांनदी में रेलवे परियोजना के तहत पहाड़ के भीतर बनाई जा रही सुरंगों का असर अब ग्रामीणों के जीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से पहाड़ों से आने वाले प्राकृतिक जलस्रोत अब पूरी तरह सूख गए हैं, जिससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस पानी के सहारे गांव के लोग अपने दैनिक कार्यों के साथ खेती-बाड़ी और पशुपालन करते थे, वह अब रेलवे सुरंग निर्माण के बाद अचानक गायब हो गया है। गांव की महिलाओं और बुजुर्गों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग करते हुए कहा कि यदि विकास कार्यों की वजह से गांवों के प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंच रहा है तो उसकी भरपाई भी सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि या तो गांव में तत्काल स्थायी पेयजल व्यवस्था की जाए या फिर ऐसे कार्यों पर रोक लगाई जाए जिनसे पहाड़ और गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में पहले ही कई मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं और अब जलस्रोत सूखने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि पहाड़ों में रहने वाले लोगों के लिए पानी ही जीवन का सबसे बड़ा आधार है और यदि यही खत्म हो गया तो गांवों में रहना मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मौके का निरीक्षण कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।


रेलवे सुरंग निर्माण से सूखा









