दस्तक पहाड़ न्यूज पौड़ी। पौड़ी जनपद की ग्राम पंचायत मरोड़ा में ग्राम प्रधान और गांव के एक 75 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति के बीच हुआ विवाद अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर पहले अभद्रता का वीडियो वायरल हुआ और अब थाने के भीतर समझौते के दौरान बुजुर्ग द्वारा प्रधान के पैर छूकर माफी मांगने का वीडियो सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ गया है। घटना को लेकर समाज में बुजुर्गों के सम्मान, महिलाओं की गरिमा और पुलिस की भूमिका को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में किसी बात को लेकर ग्राम प्रधान वीरा रावत और गांव के एक बुजुर्ग व्यक्ति के बीच विवाद हो गया था। स्थानीय स्तर पर चर्चा रही कि विवाद के दौरान बुजुर्ग ने प्रधान को गौशाला में बंद करने जैसी धमकी दी थी। प्रधान ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से फैल गया और दोनों पक्ष पुलिस थाने पहुंचे। थाने में पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया। इसी दौरान सामने आए वीडियो में बुजुर्ग व्यक्ति प्रधान से माफी मांगते हुए उनके पैर छूते दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोग इसे महिला जनप्रतिनिधि के सम्मान और समझौते का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक 75 वर्षीय बुजुर्ग से सार्वजनिक रूप से पैर छूकर माफी मंगवाना क्या सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप था।
घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि किसी महिला जनप्रतिनिधि के साथ अभद्रता हुई है तो कार्रवाई होना जरूरी है, लेकिन कानून और सामाजिक गरिमा के दायरे में रहकर समाधान निकाला जाना चाहिए। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि आपसी समझौते के जरिए विवाद को शांत करना बेहतर कदम है, ताकि गांव का माहौल खराब न हो।
इसी बीच ग्राम प्रधान वीरा रावत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष भी रखा है। उन्होंने बताया कि 12 मई की शाम वह गांव में निरीक्षण के लिए गई थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात गांव के उस व्यक्ति से हुई, जिसके बारे में उन्हें जानकारी मिली थी कि वह उनके चरित्र को लेकर गांव और अन्य जगहों पर आपत्तिजनक बातें फैला रहा है।
प्रधान के अनुसार, उन्होंने संबंधित व्यक्ति से केवल यह पूछा था कि वह उनके बारे में “प्रधान लड़कों के साथ घूमती है” या “प्रधान का चरित्र खराब है” जैसी बातें क्यों कह रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में किसी अधिकारी या कर्मचारी के आने पर प्रधान होने के नाते उन्हें निरीक्षण कराना पड़ता है और यह उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है। वीरा रावत का आरोप है कि बातचीत के दौरान संबंधित व्यक्ति अचानक गुस्से में आ गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने लगा। उन्होंने दावा किया कि बुजुर्ग ने उनका हाथ पकड़ लिया और जबरदस्ती गौशाला की ओर खींचने लगा। आरोप है कि वह लगातार कह रहा था, “चल तुझे गौशाला के अंदर बंद करता हूं।” प्रधान ने कहा कि उस दौरान वह काफी डर गई थीं और मानसिक रूप से आहत महसूस कर रही थीं।
हालांकि, अब दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और फिलहाल मामला शांत बताया जा रहा है। दूसरी ओर, बुजुर्ग व्यक्ति की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल दोनों वीडियो ने इस पूरे प्रकरण को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।यह मामला अब केवल एक ग्राम पंचायत के विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा, जनप्रतिनिधियों की गरिमा, बुजुर्गों के सम्मान और पुलिस थानों में होने वाले समझौतों की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर रहा है।


पहाड़ में हैरान कर देने









