Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

जवाहरनगर में जल संस्थान का अजब घोटाला, जनता की योजना पर विभाग ने ही डाला “डाका”, छह साल बाद खुला पेयजल योजना का खेल, जिस योजना के लिए जनता ने संघर्ष किया उसका पानी मोहल्ले तक पहुंचा ही नहीं

दस्तक पहाड़ न्यूज अगस्त्यमुनि।। अगस्त्यमुनि नगर के जवाहरनगर मुहल्ले में उत्तराखंड जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस पेयजल योजना के लिए स्थानीय जनता ने वर्षों तक जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटे, संघर्ष किया और अपनी मेहनत से उसे संचालित रखने में सहयोग दिया, अब उसी योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। आरोप है कि विधायक निधि से स्वीकृत योजना का पानी आज तक उस मोहल्ले के पेयजल टैंक और लाइनों से जोड़ा ही नहीं गया, जबकि विभाग वर्षों से योजना संचालित होने का दावा करता रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों और सरकारी धन के साथ खुला खिलवाड़ है।

बार-बार बाधित होती थी पुरानी लाइन : जवाहरनगर मुहल्ले में पेयजल आपूर्ति के लिए अंधेरगढ़ी गदेरे से पाइपलाइन लाई गई थी। यह लाइन सड़क से सटी होने और बरसाती आपदाओं के कारण अक्सर क्षतिग्रस्त हो जाती थी। कई-कई दिनों तक लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता था। महिलाओं और बुजुर्गों को दूर-दूर से पानी ढोना पड़ता था। लगातार समस्या से परेशान होकर स्थानीय जनता ने तत्कालीन केदारनाथ विधायक मनोज रावत के समक्ष अपनी समस्या रखी। जनता की मांग पर विधायक निधि से करीब तीन लाख रुपये की पेयजल योजना स्वीकृत की गई। वर्ष 2019-20 में योजना का निर्माण पूरा हुआ और लोगों को बताया गया कि अब नई योजना से पानी की आपूर्ति होगी।

Advertisement Box

जनता ने समझा समस्या खत्म, खुद भी करते रहे सहयोग :  स्थानीय लोगों के अनुसार योजना बनने के बाद जब भी पाइपलाइन में कोई दिक्कत आती, मोहल्ले के लोग स्वयं पैसे जुटाकर और श्रमदान कर उसे ठीक करवाने में सहयोग करते रहे। लोगों को भरोसा था कि यह उनकी अपनी पेयजल योजना है और इसके जरिए मोहल्ले को राहत मिली है।लेकिन अब सामने आई सच्चाई ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
छह साल बाद खुला बड़ा राज :  जानकारी के अनुसार हाल ही में जब बाईपास निर्माण कार्य के दौरान पाइपलाइन फिर क्षतिग्रस्त हुई और पानी की आपूर्ति बंद हो गई, तब जांच-पड़ताल में पता चला कि विधायक निधि से बनी योजना का पानी जवाहरनगर के पेयजल टैंक और मुख्य लाइनों से कभी जोड़ा ही नहीं गया था। यानी जिस योजना को जनता अपनी जीवनरेखा समझती रही, उसका लाभ उन्हें मिला ही नहीं। सवाल उठ रहे हैं कि यदि योजना का पानी मोहल्ले तक पहुंचा ही नहीं, तो फिर छह वर्षों तक विभाग क्या करता रहा ? योजना का उद्देश्य क्या था और उसका वास्तविक उपयोग कहां किया गया?

जनता की लाइन से भवन निर्माण को कनेक्शन : मामला यहीं नहीं रुका। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उत्तराखंड जल संस्थान ने अब राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में निर्माणाधीन भवन को भी जनता की उसी पेयजल लाइन से कनेक्शन दे दिया है। इससे पहले से संकट झेल रही जवाहरनगर बस्ती की जलापूर्ति और प्रभावित हो गई है। लोगों का कहना है कि विभाग को आम जनता की प्यास से कोई सरोकार नहीं रह गया है। मोहल्ले के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, जबकि विभाग सार्वजनिक पेयजल लाइन का उपयोग अन्य निर्माण कार्यों के लिए कर रहा है।
जनता में भारी आक्रोश: घटना के बाद जवाहरनगर क्षेत्र में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि कोई आम व्यक्ति सरकारी योजना के साथ ऐसा खिलवाड़ करता तो उसके खिलाफ अब तक मुकदमा दर्ज हो चुका होता, लेकिन विभागीय स्तर पर वर्षों तक यह खेल चलता रहा और किसी ने जवाबदेही तय नहीं की। लोगों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।

प्रशासन और जल संस्थान से उठे बड़े सवाल

  • विधायक निधि से बनी योजना का वास्तविक कनेक्शन आखिर कहां किया गया?
  • योजना का लाभ जवाहरनगर को क्यों नहीं मिला?
  • छह वर्षों तक विभागीय निरीक्षण और सत्यापन कैसे होते रहे?
  • जनता की लाइन से कॉलेज भवन को कनेक्शन किस आदेश पर दिया गया?
  • क्या सरकारी धन और जनता के अधिकारों का दुरुपयोग हुआ?

स्थानीय जनता ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभावित क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए, जवाहरनगर की मूल पेयजल योजना को सही रूप में जनता को सौंपा जाए तथा पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कर्मचरियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल बाईपास निर्माण से टूटी पाइपलाइन के कारण जवाहरनगर के लोग फिर पानी के संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन इस बार सवाल केवल पानी का नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और सरकारी जवाबदेही का भी है।

जवाहरनगर बस्ती में पेयजल संकट गहराया, जल संस्थान पर मनमानी के आरोप : अगस्त्यमुनि क्षेत्र की जवाहरनगर बस्ती में बीते कई दिनों से पेयजल संकट गहरा गया है। बस्तीवासियों ने उत्तराखंड जल संस्थान के सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार 20 मई 2026 से जवाहरनगर बस्ती में पीने के पानी की आपूर्ति बाधित चल रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अधेरगढ़ स्रोत से आने वाली पाइप लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है, जिससे पूरी बस्ती में पेयजल संकट बना हुआ है।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जवाहरनगर बस्ती के लिए लगाए गए मोटर पम्प होने के बावजूद नियमित सप्लाई नहीं दी जा रही है। साथ ही आरोप है कि जल संस्थान द्वारा निर्माणाधीन महाविद्यालय अगस्त्यमुनि भवन के लिए बस्ती की पेयजल लाइन से ही कनेक्शन जोड़ दिया गया है, जिससे आम लोगों की पानी की समस्या और बढ़ गई है।बस्तीवासियों ने इसे अनुचित बताते हुए विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि शीघ्र जलापूर्ति सुचारू नहीं की गई तो क्षेत्रवासी आंदोलन को बाध्य होंगे।ज्ञापन पर उपभोक्ता वीरेंद्र सिंह राणा, कलम सिंह नेगी, त्रिलोक जगवाण, गया प्रसाद भट्ट, प्रदीप भट्ट, वीरेंद्र सिंह कुंवर, दुर्गेश कण्डारी, नितिन रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, पवन नेगी एवं शकुन्तला देवी सहित कई स्थानीय लोगों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।

मुंबई से निकला, सहारनपुर नहीं पहुंचा… रुद्रप्रयाग का अर्जुन सिंह 3 अगस्त से लापता, परिजनों ने मुंबई-सहारनपुर के प्रवासी उत्तराखंडियों से सहयोग की गुहार
आज फोकस में

मुंबई से निकला, सहारनपुर नहीं पहुंचा… रुद्रप्रयाग का अर्जुन सिंह 3 अगस्त से लापता, परिजनों ने मुंबई-सहारनपुर के प्रवासी उत्तराखंडियों से सहयोग की गुहार

सीमा पर जवान, लेकिन घर असुरक्षित ! सैनिक ने खुद सुनाई आपबीती, आखिर क्या अब सैनिक परिवार की पुकार सुनेगा प्रशासन और जनप्रतिनिधि ?
आज फोकस में

सीमा पर जवान, लेकिन घर असुरक्षित ! सैनिक ने खुद सुनाई आपबीती, आखिर क्या अब सैनिक परिवार की पुकार सुनेगा प्रशासन और जनप्रतिनिधि ?

प्रतीक्षालय बना ‘पार्किंग’, बाइकर्स युवाओं के सिविक सेंस पर उठे सवाल
आज फोकस में

प्रतीक्षालय बना ‘पार्किंग’, बाइकर्स युवाओं के सिविक सेंस पर उठे सवाल

झूठ फैलाकर वाहवाही ? जिला प्रशासन के सोशल मीडीया अकाउंट पर श्रीनगर से बुलाए गए विशेषज्ञ निकले अगस्त्यमुनि अस्पताल के डॉक्टर !
आज फोकस में

झूठ फैलाकर वाहवाही ? जिला प्रशासन के सोशल मीडीया अकाउंट पर श्रीनगर से बुलाए गए विशेषज्ञ निकले अगस्त्यमुनि अस्पताल के डॉक्टर !

रुद्रप्रयाग में 31 जुलाई को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद, डीएम ने जारी किए आदेश
आज फोकस में

रुद्रप्रयाग में 31 जुलाई को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद, डीएम ने जारी किए आदेश

दरांती लेकर गुलदार से भिड़ गईं नारायणी देवी,65 की उम्र में दिखाया अदम्य साहस,जान बचाकर लौटीं घर
आज फोकस में

दरांती लेकर गुलदार से भिड़ गईं नारायणी देवी,65 की उम्र में दिखाया अदम्य साहस,जान बचाकर लौटीं घर

आज का राशिफल

वोट करें

भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। क्या सरकार को इस पर विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

मंगलवार, 11 अगस्त 2026

आज का सुविचार

सच्चा ज्ञान केवल किताबों में नहीं, बल्कि अनुभव और आत्म-चिंतन में छिपा है। दूसरों की गलतियों से सीखें, अपनी गलतियों को स्वीकारें और निरंतर सुधार की प्रक्रिया में बने रहें, यही बुद्धिमानी है।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

[news_reels]
WhatsApp