दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि। हिमालय वीरांगना संस्था के तत्वावधान में महिलाओं द्वारा आयोजित श्रीरामलीला का भव्य एवं भक्तिमय शुभारम्भ श्रीराम जन्म प्रसंग के साथ हुआ। लगातार तीसरे वर्ष आयोजित हो रही इस अनूठी रामलीला ने प्रथम दिवस से ही दर्शकों को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण में सराबोर कर दिया।
प्रथम रात्रि में श्रवण कुमार प्रसंग, कैलाश लीला तथा श्रीराम जन्म जैसे मार्मिक एवं धार्मिक प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों के जीवंत अभिनय और भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। रामलीला की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि सभी पात्रों का अभिनय महिलाओं द्वारा अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। श्रवण कुमार प्रसंग में पुत्रभक्ति की मार्मिकता, कैलाश लीला में शिव-पार्वती एवं रावण संवाद की ऊर्जा तथा पुत्रेष्टि यज्ञ एवं श्रीराम जन्म के भक्तिमय दृश्य ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
मुख्य अतिथि कण्डारा वार्ड के जिला पंचायत सदस्य अजयवीर भण्डारी ने कहा कि महिलाओं द्वारा रामलीला जैसे धार्मिक आयोजन का सफल संचालन समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पंडित मदन मोहन वशिष्ठ (सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य) ने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और आदर्शों को आत्मसात करने का माध्यम है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान कर रही है। विशिष्ट अतिथि क्षेपंस अरविन्द नेगी ने कहा कि महिलाओं ने जिस समर्पण और आत्मविश्वास के साथ मंचन किया है, वह समाज में सकारात्मक संदेश देता है। वहीं अगस्त्य मन्दिर संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेश बेंजवाल ने इसे सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल बताया। वीरांगना संस्था की अध्यक्षा श्रीमती माधुरी नेगी ने कहा कि संस्था का उद्देश्य महिलाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ते हुए समाज में उनकी सहभागिता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि रामलीला के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ महिलाओं की प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को भी मंच मिल रहा है। रामलीला समिति की अध्यक्षा श्रीमती सावित्री खत्री ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेनि0 प्रधानाचार्य पं0 मदन मोहन वशिष्ठ ने की तथा संचालन कुसुम भट्ट ने किया। संगीत निर्देशन एवं हार्माेनियम पर श्री वीरेंद्र प्रसाद बमोला, तबला पर अभिनव रावत, पैड पर अमन नेगी तथा बांसुरी पर हिमांशु पंवार ने मधुर संगत दी। सह-निर्देशन में अखिलेश नेगी का विशेष योगदान रहा। वहीं कमला देवशाली ने शिव, अनीता राणा ने दशरथ, अनीता चौधरी ने रावण, प्रभा भट्ट ने नारद, अनीता रावत ने श्रवण, सत्येश्वरी रौथाण ने वशिष्ठ, सुधा भट्ट ने कुम्भकरण के पात्रों का अभिनय किया। कार्यक्रम में कार्तिकेय मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह नेगी, प्रकाश बड़वाल, माधवसिंह नेगी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।










