दस्तक पहाड़ न्यूज ऊखीमठ।। मध्यमहेश्वर धाम के कपाट खुलने के बाद यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यात्रा मार्ग पर कई मूलभूत समस्याएं सामने आ रही हैं, जिनके समाधान के लिए त्वरित कदम उठाने की मांग उठी है।
सीमान्त क्षेत्र अनुश्रवण परिषद उत्तराखण्ड सरकार के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) चण्डी प्रसाद भट्ट ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को पत्र भेजकर मध्यमहेश्वर क्षेत्र में तीर्थयात्रियों और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं के समाधान की मांग की है। पत्र में बताया गया है कि 21 मई 2026 को कपाट खुलने के बाद प्रतिदिन करीब 700 श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षा, पेयजल और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं की कमी गंभीर चिंता का विषय बन गई है।उन्होंने मांग की है कि मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में तत्काल अस्थायी हेल्थ यूनिट स्थापित की जाए, ताकि आपात स्थिति में यात्रियों को राहत मिल सके। साथ ही गौंडार से मध्यमहेश्वर तक पैदल मार्ग पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए SDRF अथवा NDRF के जवान तैनात किए जाने की मांग भी की गई है। पत्र में मध्यमहेश्वर और रांसी गांव में गहराते पेयजल संकट का भी उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।इसके अलावा रांसी गांव में पर्याप्त भूमि होने के बावजूद पार्किंग व्यवस्था न होने से जाम और अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। इस संबंध में स्थायी पार्किंग निर्माण की मांग भी प्रशासन से की गई है। सीमान्त क्षेत्र अनुश्रवण परिषद उपाध्यक्ष चण्डी प्रसाद भट्ट ने प्रशासन से जनहित और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है।











