दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।।
अगस्त्यमुनि में वीरांगना संगठन के तत्वावधान में महिला रामलीला मंचन के अष्टम दिवस पर शनिवार रात सीता जी की खोज एवं हनुमान जी द्वारा लंका दहन की लीला का भव्य मंचन किया गया। भक्तिरस, शौर्य और भक्ति का अद्भुत संगम देखकर पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि यूकेडी के वरिष्ठ नेता विक्रम सिंह फर्स्वाण तथा कार्यक्रम अध्यक्ष सांसद प्रतिनिधि श्रीनन्द जमलोकी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कर्नल विनोद नेगी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि मंडली में यूकेडी के सूबेदार मेजर महिपाल सिंह पुण्डीर, कैप्टन चन्द्र मोहन गड़िया, सूबेदार भरत सिंह राणा, हरीश राणा, अर्जुन सिंह रावत, हवलदार रघुनाथ एवं हरेन्द्र भण्डारी रहे।
श्री राम वन्दना के बाद लीला का शुभारम्भ हुआ। प्रथम दृश्य में श्रीराम सीता वियोग में व्याकुल दिखाई दिए। लक्ष्मण ने सुग्रीव को सीता खोज में सहयोग के लिए स्मरण कराया। तत्पश्चात जामवन्त ने हनुमान जी को उनके बल का स्मरण कराते हुए समुद्र लांघकर लंका जाने के लिए प्रेरित किया। हनुमान जी ने समुद्र पार कर अशोक वाटिका में प्रवेश किया, माता सीता को श्रीराम की अंगूठी देकर संदेश दिया। इसके बाद अशोक वाटिका विध्वंस, अक्षय कुमार वध, मेघनाद द्वारा ब्रह्मपाश में बांधना और अंत में हनुमान जी द्वारा लंका दहन का मंचन अत्यंत प्रभावशाली रहा। लंका दहन के दृश्य पर दर्शकों ने खड़े होकर तालियाँ बजाईं और जय बजरंगबली के नारे लगाए।
श्रीराम की भूमिका में शिवानी, लक्ष्मण बनी सृष्टि, सीता बनी नेहा सुग्रीव बनी सत्येश्वरी रौथाण, हनुमान बने हिमांशु पंवार, अंगद बनी जाह्नवी, अक्षय कुमार बनी ममता कैंतुरा, मेघनाद बनी वीना पंवार, विभीषण बनी रामेश्वरी बुटोला, जामवन्त बनी अनीता रावत, रावण बनी देवेश्वरी नेगी, त्रिजटा बनी कमला देवशाली, मन्दोदरी बनी अमिता तथा मंत्री की भूमिका में अनमोल ने अपने-अपने किरदार को जीवंत कर दिया।
मुख्य अतिथि विक्रम सिंह फर्स्वाण ने रामलीला समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा, हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। राम का जीवन त्याग, मर्यादा और कर्तव्य का प्रतीक है। कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीनन्द जमलोकी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, महिला रामलीला मंचन हमारी संस्कृति और नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण है। ये बेटियाँ साबित कर रही हैं कि मंच पर भी धर्म और मर्यादा को बचाया जा सकता है। मंच संचालन माधुरी नेगी एवं कुसुम भट्ट ने संयुक्त रूप से किया। संगीत निर्देशन वी० पी० बमोला और निर्देशन अखिलेश नेगी ने किया। इस अवसर पर महिला रामलीला कमेटी की अध्यक्ष सावित्री देवी, आदर्श रामलीला कमेटी अगस्त्यमुनि के अध्यक्ष कमलेश जमलोकी, देवी प्रसाद भट्ट, सुशील भट्ट, अनीता राणा, सरिता भट्ट, राजेश बेंजवाल, गजेन्द्र रौतेला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।











