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खुशखबरी : जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा फेम इंडिया मैगजीन की ‘सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026’ सूची में शामिल

दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग।। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने अपनी प्रशासनिक दक्षता, नवाचारपूर्ण कार्यशैली एवं जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के बल पर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर जनपद रुद्रप्रयाग एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। फेम इंडिया मैगजीन द्वारा जारी “सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026” की प्रतिष्ठित सूची में उन्हें देश के शीर्ष 50 उत्कृष्ट जिलाधिकारियों में स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल जनपद रुद्रप्रयाग बल्कि सम्पूर्ण उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है।देशभर के लगभग 800 जिलों में कार्यरत जिलाधिकारियों के कार्यों, प्रशासनिक दक्षता और प्रदर्शन के व्यापक मूल्यांकन के आधार पर यह चयन किया गया है। फेम इंडिया ने एशिया पोस्ट सर्वे एजेंसी के साथ मिलकर विशेषज्ञों की राय, जमीनी रिपोर्ट, मीडिया विश्लेषण तथा विभिन्न स्रोतों से प्राप्त तथ्यों के आधार पर यह निष्पक्ष सर्वेक्षण सम्पन्न किया।सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, प्रभावी गवर्नेंस, दूरदर्शिता एवं नवाचार, जवाबदेह कार्यशैली, त्वरित निर्णय क्षमता, संकट प्रबंधन कौशल, संवेदनशीलता, व्यवहार कुशलता, जनसंपर्क एवं संवाद क्षमता तथा विकासोन्मुख सोच जैसे दस प्रमुख मानकों को आधार बनाया गया। इन्हीं मानकों के आधार पर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को ‘कुशल प्रबंधक’ श्रेणी में प्रमुख स्थान प्रदान किया गया है।जनपद रुद्रप्रयाग का जिलाधिकारी नियुक्त होने के बाद श्री मिश्रा ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, यात्रा प्रबंधन और जनसुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने केदारनाथ धाम यात्रा से पूर्व हेलीपैड सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया, अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए तथा हेली सेवाओं के संचालन में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं लागू कीं।इसके अतिरिक्त उन्होंने स्थानीय महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में भी उल्लेखनीय पहल की। केदारनाथ हेलीपैड क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों के लिए विक्रय केंद्र स्थापित कर स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया तथा तीर्थाटन से स्थानीय आजीविका को जोड़ने का अभिनव प्रयास किया।अपने अब तक के कार्यकाल में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने प्रशासनिक दक्षता, संवेदनशील नेतृत्व, त्वरित निर्णय क्षमता और नवाचारपूर्ण सोच के माध्यम से जनसेवा की एक नई मिसाल स्थापित की है। उनकी यह उपलब्धि जनपद के प्रशासनिक तंत्र के लिए प्रेरणास्रोत होने के साथ-साथ प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है।

 

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भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। क्या सरकार को इस पर विचार करना चाहिए?

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शुक्रवार, 12 जून 2026

आज का सुविचार

सच्चा ज्ञान केवल किताबों में नहीं, बल्कि अनुभव और आत्म-चिंतन में छिपा है। दूसरों की गलतियों से सीखें, अपनी गलतियों को स्वीकारें और निरंतर सुधार की प्रक्रिया में बने रहें, यही बुद्धिमानी है।

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