दस्तक पहाड न्यूज ऊखीमठ।। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) रुद्रप्रयाग की अध्यक्ष माननीय जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन में बुधवार को दूरस्थ ग्राम पंचायत पठाली में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता डीएलएसए रुद्रप्रयाग की सचिव श्रीमती पायल सिंह ने की।
शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बाल श्रम, बाल विवाह एवं नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जन-जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को उनके विधिक अधिकारों और निःशुल्क कानूनी सहायता सेवाओं की जानकारी देना था।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव श्रीमती पायल सिंह ने कहा कि बाल श्रम और बाल विवाह किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक हैं, जो बच्चों के अधिकारों और उनके उज्ज्वल भविष्य को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथों में किताबें और खिलौने होने चाहिए, न कि मजदूरी के औजार। समाज की जिम्मेदारी है कि हर बच्चे को सुरक्षित और शिक्षित बचपन मिले।उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी न्याय तक समान पहुंच प्राप्त है और किसी भी पात्र व्यक्ति को आर्थिक अभाव के कारण न्याय से वंचित नहीं रहना पड़ेगा।श्रीमती पायल सिंह ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता, मुफ्त अधिवक्ता सुविधा तथा लोक अदालतों के माध्यम से विवादों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निस्तारण की जानकारी भी दी। उन्होंने ग्रामीणों से जरूरत पड़ने पर डीएलएसए की सेवाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।शिविर के दौरान आयोजित कानूनी चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याएं और जिज्ञासाएं सचिव महोदया के समक्ष रखीं, जिनका मौके पर ही विधिक परामर्श देकर समाधान बताया गया।कार्यक्रम में जिला सूचना अधिकारी, रिटेनर अधिवक्ता, ग्राम प्रधान पठाली, स्थानीय जनप्रतिनिधि, महिला मंगल दल की पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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