Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

रिंगाल से रच रहे रोजगार की कहानी, मक्कू में महिलाओं ने थामा आत्मनिर्भरता का रास्ता

पारंपरिक कला बन रही आजीविका का आधार, गांव में ही दिखने लगी रोजगार की नई उम्मीद


दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन और सीमित रोजगार के अवसरों के बीच ऊखीमठ विकासखंड का मक्कू गांव आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल गढ़ता नजर आ रहा है। यहां महिलाओं और युवाओं के हाथों में रिंगाल और बांस की कला न केवल आकार ले रही है, बल्कि रोजगार और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी जगा रही है।एसबीआई आरसेटी रुद्रप्रयाग द्वारा आयोजित 14 दिवसीय रिंगाल एवं बांस शिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागी पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार की मांग से जोड़ने का हुनर सीख रहे हैं। 17 जून से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण 30 जून तक चलेगा।प्रशिक्षण के दौरान महिलाएं और युवा रिंगाल एवं बांस से पेन स्टैंड, टोकरी, डस्टबिन, हेयर क्लिप सहित कई उपयोगी और आकर्षक उत्पाद तैयार करना सीख रहे हैं। खास बात यह है कि यह प्रशिक्षण केवल शिल्प तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिभागियों को उद्यमिता, ब्रांडिंग, विपणन और बैंक ऋण की जानकारी देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए भी तैयार किया जा रहा है। आरसेटी निदेशक अरुण कुमार का कहना है कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित ऐसे प्रशिक्षण गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ पलायन रोकने में भी प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। उनका मानना है कि यदि ग्रामीण बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद तैयार करें तो रिंगाल शिल्प आय का स्थायी साधन बन सकता है। प्रशिक्षण में शामिल आशा देवी, पूनम देवी और सुरकली देवी जैसी महिलाओं के चेहरे पर आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि यह प्रशिक्षण उनके लिए नए अवसर लेकर आया है और अब वे अपने गांव में रहकर ही रोजगार के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।ग्रामीणों का मानना है कि रिंगाल जैसी पारंपरिक कला को बढ़ावा देकर न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा सकता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा सकते हैं। मक्कू में चल रहा यह प्रयास इस बात का उदाहरण बन रहा है कि सही प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर पहाड़ के संसाधन ही पहाड़ की समृद्धि का आधार बन सकते हैं। ग्राम प्रधान सुनीता देवी सहित स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह पहल आने वाले समय में कई परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ गांव में स्वरोजगार की नई कहानी लिखेगी।

Advertisement Box

पहाड़ की बदहाली ने ली एक और जान: अस्पताल की जर्जर दीवार गिरी, मलबे में दबे चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी की मौत
आज फोकस में

पहाड़ की बदहाली ने ली एक और जान: अस्पताल की जर्जर दीवार गिरी, मलबे में दबे चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी की मौत

“बेटी की अंतिम इच्छा ने बदल दी ज़िंदगी: विदेश छोड़ गाँव लौटे जयेंद्र राम जगवाण, 35 लाख की ‘आयशा वाहिनी’ एंबुलेंस से शुरू किया सेवा मिशन”
आज फोकस में

“बेटी की अंतिम इच्छा ने बदल दी ज़िंदगी: विदेश छोड़ गाँव लौटे जयेंद्र राम जगवाण, 35 लाख की ‘आयशा वाहिनी’ एंबुलेंस से शुरू किया सेवा मिशन”

आप भी देखना चाहते देश दुनिया की मशहूर फिल्म तो आईऐ, अगस्त्यमुनि में 5 से 7 जुलाई तक होगा तीन दिवसीय ‘फिल्म मंथन 2026’
आज फोकस में

आप भी देखना चाहते देश दुनिया की मशहूर फिल्म तो आईऐ, अगस्त्यमुनि में 5 से 7 जुलाई तक होगा तीन दिवसीय ‘फिल्म मंथन 2026’

रामपुर तिराहा कांड: 32 साल बाद पुलिस का झूठ उजागर, अपने ही जाल में फंसे कानून के रखवाले, अब मिली सजा
आज फोकस में

रामपुर तिराहा कांड: 32 साल बाद पुलिस का झूठ उजागर, अपने ही जाल में फंसे कानून के रखवाले, अब मिली सजा

देहरादून में दो छात्राएं तीन युवकों के साथ लिव-इन में मिलीं, अभिभावकों के लिए बड़ा सवाल: पढ़ाई या भटकाव?
आज फोकस में

देहरादून में दो छात्राएं तीन युवकों के साथ लिव-इन में मिलीं, अभिभावकों के लिए बड़ा सवाल: पढ़ाई या भटकाव?

112 साल बाद सामने आई रुद्रप्रयाग के वीर सपूत बहादुर सिंह रावत की शौर्यगाथा, प्रथम विश्व युद्ध में दिया था सर्वोच्च बलिदान
आज फोकस में

112 साल बाद सामने आई रुद्रप्रयाग के वीर सपूत बहादुर सिंह रावत की शौर्यगाथा, प्रथम विश्व युद्ध में दिया था सर्वोच्च बलिदान

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

शुक्रवार, 17 जुलाई 2026

आज का सुविचार

ईमानदारी एक महंगा शौक है जिसे हर कोई वहन नहीं कर सकता। इसे निभाने के लिए आत्मबल और साहस की आवश्यकता होती है, जो कमजोर चरित्र वालों के पास नहीं होता।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

[news_reels]
WhatsApp